Ujjain Mahakal Sawari Dussehra 2026: विजयादशमी पर निकली बाबा महाकाल की भव्य सवारी, फूलों की वर्षा और जयकारों से गूंजी धार्मिक नगरी उज्जैन

VIKASH KHALKHO

उज्जैन। Nishaanebaz.com-Ujjain Mahakal Sawari Dussehra: मध्य प्रदेश की पवित्र धार्मिक नगरी उज्जैन में मंगलवार को विजयादशमी के पावन और ऐतिहासिक अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक सवारी पूरी श्रद्धा, भव्यता और उत्साह के साथ निकाली गई। बाबा महाकाल की नगरी में इस धार्मिक आयोजन को लेकर देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। भगवान महाकाल की यह सवारी शाम चार बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप से विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारंभ हुई, जिसमें भगवान मनमहेश के स्वरूप को पालकी में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया।

सभा मंडप से शुरू हुई मनमहेश की पालकी यात्रा

विजयादशमी के मौके पर महाकालेश्वर मंदिर में प्राचीन धार्मिक परंपराओं के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके बाद शाम करीब चार बजे मंदिर के सभा मंडप से भगवान मनमहेश की पालकी यात्रा ने नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान किया। जैसे ही भगवान महाकाल की पालकी मंदिर परिसर से बाहर मुख्य द्वार पर पहुंची, पूरा वातावरण ‘जय श्री महाकाल’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर अपने आराध्य के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

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सशस्त्र पुलिस बल ने दी राजसी सलामी

भगवान महाकाल की सवारी की परंपरा में राजकीय सम्मान का विशेष महत्व है। मंदिर के मुख्य द्वार पर पालकी पहुंचते ही मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजमान भगवान मनमहेश को पारंपरिक और औपचारिक सलामी दी। उज्जैन में भगवान महाकाल को नगर का राजा और अधिपति माना जाता है, यही कारण है कि उनकी सवारी को एक विशेष राजसी स्वरूप प्रदान किया जाता है। पुलिस बल की सलामी के दौरान वहां मौजूद हजारों भक्तों ने बाबा के जयकारे लगाए।

फूलों की वर्षा और आकर्षक रंगोलियों से हुआ स्वागत

भगवान महाकाल की शोभायात्रा जिन प्रमुख मार्गों से गुजरी, वहां के स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने अभूतपूर्व तैयारियां की थीं। सवारी मार्ग पर लगभग एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में भव्य रंगोलियां सजाई गईं और ड्रोन के माध्यम से करीब 500 किलो फूलों की वर्षा कर भगवान मनमहेश का स्वागत किया गया।

यह सवारी गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, टावर मार्ग और शहीद पार्क जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, मंदिर के पुजारी और भजन मंडलियां भी शामिल रहीं। दशहरा मैदान में पहुंचकर भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद विजयादशमी की मुख्य परंपरा के तहत शमी वृक्ष और शस्त्र पूजन संपन्न हुआ। इस अलौकिक आयोजन ने एक बार फिर उज्जैन की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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