Gangster Mayank Singh :रायपुर : झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को रायपुर पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने उसे 27 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब अगले चार दिनों तक उससे पूछताछ करेगी। अनुमान है कि पूछताछ के दौरान कई मामलों से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं। मयंक के खिलाफ रायपुर और झारखंड में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसे झारखंड से ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है।
Gangster Mayank Singh :मयंक सिंह को रायपुर फायरिंग केस का मुख्य आरोपी बताया जाता है। जुलाई 2024 में कोयला और कंस्ट्रक्शन कारोबारी प्रहलाद राय और PRA ग्रुप के कार्यालय पर फायरिंग की घटना हुई थी। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी, जिसमें बाइक सवार आरोपी को दो राउंड फायरिंग करते देखा गया था। जांच के दौरान इस मामले के पीछे मयंक सिंह का नाम सामने आया और अदालत ने उसके खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया था।
मयंक सिंह ने 16 जून 2024 को छत्तीसगढ़ की मीडिया संस्थाओं को एक धमकी भरा ई-मेल भी भेजा था। इसमें उसने आरोपियों की गिरफ्तारी को साजिश बताया था और रंगदारी मांगने से इनकार करते हुए कारोबारियों के परिवारों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। इस ई-मेल के बाद पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू की थी।
मयंक सिंह को गैंगस्टर अमन साव का करीबी माना जाता है और उसके लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की भी चर्चा है। हाल ही में उसे इंटरपोल की मदद से अज़रबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। यह झारखंड का पहला मामला है जिसमें किसी गैंगस्टर को विदेश से वापस लाया गया। रांची एयरपोर्ट से जेल तक उसे कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाया गया था।
पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक साजिश जैसे 45 से अधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय तक वह विदेश से ही अपने गैंग का संचालन करता रहा। बताया जाता है कि उसने कई उद्योगपतियों, व्यापारियों और राजनीतिक व्यक्तियों से भी रंगदारी मांगी थी।
Gangster Mayank Singh : पुलिस का कहना है कि मयंक सिंह डंकी रूट के जरिए विदेश भागा था और सिंगापुर, ईरान व मेक्सिको होते हुए अमेरिका पहुंचा। अमन साव के एनकाउंटर के बाद अब पुलिस मयंक को इस नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि रिमांड के दौरान उससे लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।









