निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। यहां 11 हार्डकोर नक्सलियों ने गढ़चिरौली पुलिस और CRPF के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सरेंडर करने वालों में एक DVCM, एरिया कमिटी सचिव, पीपीसीएम, कमांडर और एसीएम जैसे अहम पदों पर कार्यरत माओवादी शामिल हैं, जिससे यह साफ है कि संगठन को बड़ा झटका लगा है।
वरिष्ठ माओवादी भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सोनी उर्फ बाली मट्टामी (DVCM), बुदरी उर्फ रामबत्ती (एरिया कमिटी सचिव), सुखलाल कोक्सा (कमांडर), शांति तेलामी (PPCM) और यमुनक्का पेंदाम (ACM) जैसे बड़े नाम शामिल हैं।इनके अलावा कंपनी और दलम से जुड़े अन्य सक्रिय सदस्य भी शामिल हैं, जो लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे।
Read More : रायपुर : अंबेडकर अस्पताल में भ्रष्टाचार केस में हाई कोर्ट का फरमान- FIR से पहले सुनवाई का नहीं कोई अधिकार
गढ़चिरौली में घटा नक्सल प्रभाव
गढ़चिरौली जिले में नक्सल गतिविधियां अब काफी हद तक कम हो गई हैं। पहले जहां जिले के 10 उपविभाग नक्सल प्रभावित थे, अब यह केवल भामरागढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित रह गया है।सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और रणनीतिक ऑपरेशन के चलते नक्सल नेटवर्क कमजोर पड़ा है।
सरेंडर पॉलिसी का असर
वर्ष 2005 से लागू आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर अब स्पष्ट दिखने लगा है। हिंसा से तंग आकर और बेहतर जीवन की उम्मीद में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।गढ़चिरौली में अब तक 794 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो इस नीति की सफलता को दर्शाता है।
पुनर्वास से मिल रही नई राह
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को शासन की ओर से पुनर्वास, आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं। इससे वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जी सकते हैं।
सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि
इस सामूहिक आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे न केवल नक्सल संगठन कमजोर होगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।











