flood landslide : उत्तरकाशी बादल फटने का कहर – हर्षिल और धराली में राहत और बचाव कार्य जारी, अब तक 5 की मौत, 59 लापता

VIKASH KHALKHO

flood landslide : उत्तराखंड। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में इस सप्ताह बादल फटने से आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हर्षिल और धराली क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य तेज़ी से जारी है। अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 नागरिकों और 9 जवानों समेत कुल 59 लोग अभी भी लापता हैं।

Read More : Gwalior News : शिव महापुराण कथा के पंडाल में अश्लील डांस, आक्रोशित लोगों ने की कार्रवाई की मांग

प्रमुख घटनाक्रम :

  • 274 पर्यटक सुरक्षित निकाले गए, जिनमें 131 गुजरात और 123 महाराष्ट्र से हैं। इन्हें गंगोत्री और आसपास के इलाकों से निकालकर उत्तरकाशी और देहरादून लाया गया है।
  • बाकी फंसे लोगों के लिए एयरलिफ्टिंग की तैयारी, जिसमें सेना के चिनूक (CH-47) और रूसी Mi-17 हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल हो रहा है। चिनूक हर्षिल के हेलीपैड से जबकि Mi-17 हेलिकॉप्टर नेलोंग बेस से उड़ान भर रहे हैं।
  • NDRF और मेडिकल टीमें भी भेजी गई हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश कर उन्हें वापस ला रही हैं। धराली का नागरिक हेलीपैड अब तक चालू नहीं हो पाया है।
  • आईटीबीपी (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) ने भी अपने हेलीकॉप्टरों से बचाव कार्य शुरू किया है। गुरुवार सुबह 10 बजे तक 61 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें एक घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

 

  • हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल से राहत अभियान को बड़ी मदद, खासकर उन इलाकों में जहां सड़कों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। बुधवार को अकेले धराली से 190 लोगों को निकाला गया।
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मैतली हेलीपैड पर पहुंचकर राहत शिविरों का जायज़ा लिया और प्रभावितों से मुलाकात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने आपात सेवाओं के कर्मियों से भी बात की।
  • मलबे के ढेर में खोज जारी, जहां स्निफर डॉग और ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार की मदद से जीवित लोगों या शवों की तलाश की जा रही है।
  • धराली गांव का आधा हिस्सा मलबे में दबा, जो गंगोत्री यात्रा मार्ग का अहम पड़ाव है और वहां कई होटल व होमस्टे मौजूद हैं।
  • सीमा सड़क संगठन के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने बताया, “हर्षिल से धराली के बीच 96 किलोमीटर की दूरी में चार बड़े भूस्खलन स्थल हैं। कई हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। रास्तों को या तो बहाल किया जाएगा या नया मार्ग बनाया जाएगा।”
  • हर्षिल घाटी पूरी तरह संपर्क से कटी, वहां जाने वाला 100 मीटर लंबा लोहे का पुल टूट चुका है। यह क्षेत्र अब तक राहत और बचाव टीमों की पहुंच से बाहर बना हुआ है।

Read More : Patna Students Protest : पटना में बिहार सिविल सेवा अभ्यर्थियों पर पुलिस लाठीचार्ज

इस आपदा ने न सिर्फ गंगोत्री यात्रा मार्ग को प्रभावित किया है बल्कि पूरे उत्तरकाशी क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन अब भी कई दुर्गम इलाकों तक पहुंचने की कोशिशों में जुटा है, जबकि मौसम और पहाड़ी भूभाग राहत कार्यों को चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *