HomeChhattisgarhFake public hearing : 'फर्जी जनसुनवाई' और 'स्क्रिप्टेड समर्थन': गारे पेलमा सेक्टर-1...

Fake public hearing : ‘फर्जी जनसुनवाई’ और ‘स्क्रिप्टेड समर्थन’: गारे पेलमा सेक्टर-1 में लोकतंत्र और ग्राम सभा की संप्रभुता खतरे में

Date:

Related stories

Bemetara CMHO: PLP जांच को CMHO के विरुद्ध शिकायत से जोड़ना मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास: CHO संघ

Bemetara CMHO: बेमेतरा: प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ, छत्तीसगढ़...

Fake public hearing : गौरी शंकर गुप्ता/ रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में स्थित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला परियोजना को लेकर एक गहरा संवैधानिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। यहाँ जो दृश्य उभरकर सामने आया है, वह न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि क्या संविधान की पांचवीं अनुसूची में दर्ज ‘ग्राम सभा’ की शक्तियां केवल कागजी शेर बनकर रह गई हैं? यह पूरा घटनाक्रम PESA कानून की मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी पर प्रशासन की अग्निपरीक्षा ले रहा है।

Fake public hearing : विवाद का मूल केंद्र 08.12.2025 को आयोजित जनसुनवाई है, जिसे 14 गांवों के ग्रामीण ‘फर्जी’ करार दे रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप और उनके विरोध प्रदर्शनों में लगे पोस्टर बताते हैं कि जनसुनवाई को पूर्व निर्धारित स्थल से हटाकर अन्यत्र आयोजित किया गया। PESA (पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) कानून 1996 स्पष्ट करता है कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी परियोजना के लिए ग्राम सभा की “पूर्व और सूचित सहमति” अनिवार्य है। स्थान में किया गया यह बदलाव न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि PESA कानून की मूल भावना का स्पष्ट उल्लंघन प्रतीत होता है।

Fake public hearing : गंभीर प्रश्न यह है कि यदि 14 गांवों के नागरिक संगठित होकर विरोध में खड़े थे और जनसुनवाई को फर्जी बता रहे थे, तो प्रशासन ने किन परिस्थितियों में इसे सफल मान लिया? ग्रामीणों की यह मांग कि जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी कर्मचारियों पर FIR दर्ज हो और न्यायिक जांच कराई जाए, प्रशासन की विश्वसनीयता पर गहरा आघात है। यह मांग सिद्ध करती है कि औपचारिकता पूरी कर लेना और वास्तविक न्याय प्रदान करना दो अलग बातें हैं।

Fake public hearing : इस जनांदोलन के बीच एक वायरल वीडियो सामने आया है, जो विरोधाभास की पराकाष्ठा है। जहाँ हजारों ग्रामीण “फर्जी जनसुनवाई” का विरोध कर रहे हैं, वहीं इस वीडियो में कुछ स्थानीय नागरिक और सरपंच स्तर के प्रतिनिधि कतारबद्ध होकर एक ही वाक्य दोहरा रहे हैं—”मैं गारे पेलमा सेक्टर-1 और जिंदल का समर्थन करता/करती हूँ”। वक्ताओं की यांत्रिक अभिव्यक्ति और रटी-रटाई स्क्रिप्ट यह सवाल खड़ा करती है कि क्या यह ‘स्वाभाविक स्वर’ है या ‘सहमति’ का निर्माण बंद कमरों में, दबाव के तहत किया जा रहा है?

Fake public hearing : सबसे भयावह पहलू यह है कि विरोध कर रहे ग्रामीणों के पोस्टर में ‘दमन’ का आरोप उजागर हुआ है—आवाज उठाने वालों के खिलाफ दर्ज मुकदमे और कर्मचारियों का निलंबन। ग्रामीणों द्वारा मुकदमों की वापसी और बहाली की मांग यह सिद्ध करती है कि लोकतांत्रिक संवाद के बजाय ‘भय’ और शक्ति का प्रयोग किया जा रहा है, जो PESA कानून के लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। वायरल वीडियो पर लिखा कैप्शन—”गांव द्रोही गांव को मिटाने चल दिए”—यह भी संकेत देता है कि परियोजना ने आदिवासी समाज के भीतर गहरी सामाजिक खाई पैदा कर दी है।

Fake public hearing : गारे पेलमा का यह घटनाक्रम राज्य सरकार के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। सरकार को यह तय करना होगा कि वह केवल ‘कानूनी औपचारिकताएं’ पूरी कर कॉरपोरेट हितों को चुनती है, या संविधान प्रदत्त ग्राम सभा की संप्रभुता और स्थानीय लोगों के विश्वास को बचाती है। आज गारे पेलमा में केवल कोयला नहीं खोदा जा रहा, बल्कि वहाँ सदियों पुराने विश्वास की नींव भी खोदी जा रही है।

Share The News
VIKASH KHALKHO
VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here