Fake Loot Case Kumhari Durg : दुर्ग (07 फरवरी 2026): जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में लूट की एक ऐसी शिकायत सामने आई जिसने पुलिस के होश उड़ा दिए थे, लेकिन महज 48 घंटों की जांच में यह पूरा मामला ‘स्क्रिप्टेड’ और फर्जी निकला। बीमा राशि और मुआवजा हासिल करने के लालच में नितेश देवांगन नाम के युवक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या थी ‘झूठी’ लूट की कहानी?
5 फरवरी को नितेश देवांगन ने थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह ज्वेलरी खरीदकर घर लौट रहा था, तभी कुगदा रोड पर तीन अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया। नितेश के मुताबिक, बदमाशों ने धारदार हथियार दिखाकर उससे 30 ग्राम सोने की ज्वेलरी और 14 लाख रुपये नकद लूट लिए।
सीसीटीवी और विरोधाभास ने पकड़ी चोरी
शिकायत मिलते ही कुम्हारी पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी की और घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
साक्ष्य का अभाव: पुलिस को पूरी जांच में ऐसी कोई घटना या संदिग्ध बाइक सवार नहीं दिखे जैसा नितेश ने बताया था।
बयानों में बदलाव: पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में नितेश बार-बार अपने बयान बदल रहा था, जिससे संदेह गहरा गया।
पूछताछ में टूटा आरोपी, बताई सच्चाई
जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ नितेश से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह व्यापार में भारी घाटे से जूझ रहा था। कर्ज उतारने और बीमा कंपनी से मुआवजा राशि ऐंठने के लिए उसने यह फर्जी लूट का ड्रामा रचा था। पुलिस ने आरोपी के पास से वह 30 ग्राम सोने की ज्वेलरी भी बरामद कर ली है जिसे उसने लूटा हुआ बताया था।
पुलिस की सख्त चेतावनी
दुर्ग पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि निजी स्वार्थ के लिए पुलिस को झूठी सूचना देकर सरकारी तंत्र का समय बर्बाद न करें। ऐसा करना एक गंभीर अपराध है और इसमें कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।













