Electricity pensioners : बड़वानी। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के प्रादेशिक आह्वान पर मंगलवार को बड़वानी जिले के विद्युत पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी। अपने भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और महंगाई राहत के नियमों के उल्लंघन के विरोध में सैकड़ों पेंशनरों ने शहर में एक विशाल बाइक रैली निकाली। यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार हितेंद्र भावसार को ज्ञापन सौंपा गया।
पेंशनर अनूप जोशी ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश राज्य के विद्युत पेंशनरों के लिए शासन और विद्युत नियामक आयोग ने पेंशन भुगतान के स्पष्ट नियम बनाए हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले कई वर्षों से इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। वर्तमान स्थिति यह है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पास भविष्य में पेंशन मिलने की कोई ठोस गारंटी नहीं बची है, जिससे हजारों परिवार मानसिक और आर्थिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं।
ज्ञापन में पेंशन फंड की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई है। संयुक्त मोर्चा के अनुसार, पेंशन फंड का वास्तविक आकलन वर्ष 2012 में होना था, लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी शासन ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। एक अनुमान के मुताबिक, पेंशनरों के सुरक्षित भविष्य के लिए लगभग 69 हजार करोड़ रुपये के फंड की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 1750 करोड़ रुपये ही जमा हैं। यह कुल आवश्यकता का महज दो प्रतिशत है, जो भविष्य के लिए एक बड़े खतरे का संकेत है।
पेंशनरों ने सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जुलाई 2019 से उन्हें केंद्र सरकार द्वारा घोषित दरों के अनुसार महंगाई राहत (DR) नहीं दी जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि विद्युत विभाग उपभोक्ताओं से टैरिफ के माध्यम से महंगाई का पूरा बोझ वसूल रहा है, लेकिन इसका लाभ उन कर्मचारियों को नहीं मिल रहा जिन्होंने विभाग को अपने जीवन के 30-40 साल दिए। दिसंबर 2025 तक की स्थिति में पेंशनरों को कुल 664 प्रतिशत महंगाई राहत का भुगतान बकाया है।
पेंशनरों की मुख्य मांग है कि राज्य सरकार भविष्य में पेंशन भुगतान की वैधानिक गारंटी ले और केंद्र की तर्ज पर समयबद्ध तरीके से महंगाई राहत का भुगतान सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।
कलेक्ट्रेट पहुंचे पेंशनरों की समस्याओं को सुनते हुए तहसीलदार हितेंद्र भावसार ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार और संबंधित विभाग तक पूरी गंभीरता के साथ पहुंचाया जाएगा। बाइक रैली के दौरान बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां लिए नजर आए, जो प्रशासन के खिलाफ अपने आक्रोश का इजहार कर रहे थे।











