ED Raid Inderjeet Singh : नई दिल्ली/गुरुग्राम: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक सहित 10 ठिकानों पर छापेमारी कर कुख्यात अपराधी इंदरजीत सिंह यादव के अवैध साम्राज्य का पर्दाफाश किया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई इस कार्रवाई में ED ने 5 लग्जरी कारें, 17 लाख रुपये नकद, डिजिटल उपकरण और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए हैं। इंदरजीत, जो वर्तमान में हरियाणा पुलिस के लिए वांछित है, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बैठकर भारत में अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा था।
कॉरपोरेट कंपनियों और फाइनेंसरों के बीच ‘जबरन सेटलमेंट’
ED की जांच में एक चौंकाने वाला ‘कॉरपोरेट-क्राइम सिंडिकेट’ सामने आया है। जांच के मुताबिक, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड जैसी कुछ बड़ी कंपनियां झज्जर (हरियाणा) के प्राइवेट फाइनेंसरों से भारी मात्रा में नकद उधार लेती थीं। जब इन ऋणों को लेकर विवाद होता था, तो इंदरजीत सिंह यादव एक ‘स्ट्रॉन्गमैन’ के रूप में बीच में आता था। वह अपने हथियारबंद गुर्गों और लोकल गैंग्स के जरिए डरा-धमकाकर जबरन सेटलमेंट करवाता था, जिसके बदले उसे सैकड़ों करोड़ रुपये का कमीशन मिलता था।
डिजिटल पोर्टल के जरिए चलता था खेल
जांच में खुलासा हुआ कि इंदरजीत ने इस काले कारोबार को व्यवस्थित करने के लिए एक विशेष वेबसाइट और पोर्टल भी बनवाया था। इसी के माध्यम से वह कॉरपोरेट जगत और प्राइवेट फाइनेंसरों के बीच लोन सेटलमेंट का खेल चलाता था। आरोपी इंदरजीत ‘जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ (Gems Tunes) का मालिक भी है। उस पर हत्या, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे 15 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
काली कमाई से शाही ठाट-बाट
ED के अनुसार, इंदरजीत ने अपराध के जरिए अर्जित करोड़ों रुपये की काली कमाई को सफेद करने के लिए अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर महंगी संपत्तियां और लग्जरी गाड़ियां खरीदी थीं। हालांकि, आयकर विभाग को दिए गए दस्तावेजों में उसने अपनी आय बेहद कम दिखाई थी। छापेमारी के दौरान जब्त किए गए बैंक लॉकर और डिजिटल डेटा से अब उसके विदेशी कनेक्शन और मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन का रास्ता) की गहराई से जांच की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय अब इंदरजीत के इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि इस मनी लॉन्ड्रिंग के खेल में कुछ और बड़ी कंपनियों और रसूखदार लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी गिरफ्तारियां और संपत्तियों की कुर्की संभव है।













