नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। सोमवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर 205.36 मीटर तक पहुंच गया। अधिकारियों के अनुसार, 206 मीटर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
Read news : झांसी में तलाकशुदा ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम के बाद कार्रवाई तय
यमुना के किनारे बसे इलाकों जैसे मॉडल टाउन, यमुना बाजार, मयूर विहार, कश्मीरी गेट, मोनेस्ट्री, गीता कॉलोनी और वजीराबाद बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। पुराने निचले इलाके और ट्रांस यमुना क्षेत्र भी जोखिम में हैं।
केंद्रीय बाढ़ कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि यमुना का जलस्तर हथनीकुंड और वजीराबाद बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण बढ़ रहा है। हथनीकुंड बैराज से इस समय लगभग 58,282 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि वजीराबाद बैराज से हर घंटे करीब 36,170 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
Read News : बाल कटवाओ और दांत मजबूत बनाओ : जल्द ही आपके टूथपेस्ट में होंगे बाल, जानें वैज्ञानिकों की बड़ी खोज
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बताया कि बैराजों से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंचने में सामान्यतः 48-50 घंटे का समय लेता है। इसी वजह से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए निचले इलाकों को खाली कराने का आदेश दे दिया है और सभी एजेंसियों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।













