वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को उस वक्त अपनी यात्रा बीच में रोकनी पड़ी, जब उनके विशेष विमान एयर फोर्स वन में उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी सामने आई। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के अनुसार, टेकऑफ के कुछ समय बाद ही विमान के क्रू को एक मामूली इलेक्ट्रिकल फॉल्ट का संकेत मिला, जिसके बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को वापस वॉशिंगटन लौटाने का फैसला किया गया।
डोनाल्ड ट्रम्प बुधवार सुबह स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए रवाना हुए थे, जहां उन्हें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेना है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान ने न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर लगभग एक घंटे तक उड़ान भरी थी, तभी पायलटों ने स्थिति का आकलन कर यूटर्न लेने का निर्णय लिया।
इसके बाद एयर फोर्स वन सुबह करीब 9:30 बजे मैरीलैंड में सुरक्षित लैंड कर गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी तरह की आपात स्थिति नहीं बनी और राष्ट्रपति ट्रम्प पूरी तरह सुरक्षित रहे। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह एहतियातन उठाया गया था।
विमान के उतरने के करीब एक घंटे बाद राष्ट्रपति ट्रम्प दूसरे विमान से दावोस के लिए रवाना हो गए। यह दूसरा विमान भी आधिकारिक रूप से एयर फोर्स वन के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उनकी यात्रा में ज्यादा देरी नहीं हुई।
ग्रीनलैंड नीति पर रहेगा ट्रम्प का फोकस
दावोस पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प बुधवार शाम करीब 7 बजे वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे। अपने भाषण में वे ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी नीति पर खुलकर बात करेंगे। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक राजनीति, व्यापार युद्ध और सुरक्षा चुनौतियां लगातार गहराती जा रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, WEF में ट्रम्प की मौजूदगी को बेहद अहम माना जा रहा है। उनके हर बयान पर दुनिया भर के निवेशकों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर रहेगी।
भारतीय उद्योगपतियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग
डोनाल्ड ट्रम्प WEF में भाषण देने के बाद एक उच्चस्तरीय निजी कार्यक्रम की मेजबानी भी करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत के सात बड़े कारोबारी नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिससे भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को लेकर नई चर्चाओं के संकेत मिल रहे हैं।













