Dog Bite : भोपाल। राजधानी भोपाल में डॉग बाइट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नेहरू नगर कोटरा इलाके से सामने आया है, जहां SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) की ड्यूटी पर तैनात एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को श्वान के काटने से गंभीर चोट आई है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा और पालतू दोनों तरह के कुत्तों के आतंक को उजागर कर दिया है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Dog Bite : मतदाता के आश्वासन पर भी नहीं टला खतरा
जानकारी के अनुसार, बीएलओ कैलाश केदार मतदाता के घर गणना पत्रक देने गए थे। घर में प्रवेश करने से ठीक पहले, बीएलओ ने एहतियात के तौर पर मतदाता से पूछा था कि क्या घर में कोई श्वान (कुत्ता) है। मतदाता ने बीएलओ को आश्वस्त किया था कि घर में कोई डॉग नहीं है, जिसके बाद कैलाश केदार निश्चिंत होकर गृह के अंदर प्रवेश कर गए। यह आश्वस्त होना ही उनकी गलती साबित हुआ, क्योंकि मतदाता का आश्वासन झूठा निकला।
Dog Bite : अचानक हुआ हमला, बीएलओ घायल
जैसे ही बीएलओ कैलाश केदार गणना पत्रक देने के लिए घर के अंदर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद एक डॉग ने अचानक उन पर हमला कर दिया। श्वान के अचानक किए गए हमले से वह संभल नहीं पाए और डॉग ने उनके पैर में काट लिया। इस हमले में बीएलओ घायल हो गए। उन्होंने किसी तरह खुद को बचाया और तुरंत घर से बाहर निकलकर अधिकारियों को घटना की सूचना दी। घायल बीएलओ को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
Dog Bite : प्रशासन ने जारी की नई एडवाइजरी
इस घटना के बाद, बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को फौरन हरकत में आना पड़ा है। अधिकारियों ने सभी बीएलओ के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। अब बीएलओ को किसी भी मतदाता के घर के भीतर प्रवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि घर में कोई श्वान बंधा हुआ है या नहीं, और यह जानकारी मतदाता से पुख्ता करनी होगी। यह निर्देश राजधानी में चुनाव संबंधी कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिए गए हैं।
Dog Bite : भोपाल में बढ़ता श्वान आतंक
यह घटना दर्शाती है कि भोपाल में श्वान के काटने की समस्या कितनी विकराल रूप ले चुकी है। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के लिए भी खतरा पैदा कर रही हैं। प्रशासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन से काम में थोड़ी सावधानी जरूर आएगी, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ एडवाइजरी काफी है? नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों को नियंत्रित करने के लिए स्थायी और कठोर कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है।











