Dilapidated Building Risk : किशोर नाथ राजगुरु/शाजापुर। जिले के विकासखंड अंतर्गत ग्राम पिंदोनिया में शिक्षा का मंदिर अब मासूम बच्चों के लिए खतरे का केंद्र बनता जा रहा है। विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति से परेशान होकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने एक शिकायती पत्र सौंपकर जल्द से जल्द पक्के और सुरक्षित भवन निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पिंदोनिया के माध्यमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस स्कूल में वर्तमान में 100 से अधिक छात्र-छात्राएं विद्याध्ययन कर रहे हैं। भवन की हालत इतनी खराब है कि उसकी छत और दीवारों से कभी भी मलबे गिरने का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि यह जर्जर ढांचा कभी भी किसी बड़े हादसे का रूप ले सकता है, जिससे मासूम बच्चों की जान को खतरा हो सकता है।
ग्रामीण दिलीप सौराष्ट्रीय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह समस्या नई नहीं है। पूर्व में भी ग्रामीणों द्वारा शिक्षा विभाग और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं, जबकि बच्चे उसी खतरनाक छत के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल के नए भवन के लिए राशि स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या इन नौनिहालों को सुरक्षित छत नसीब होती है या फाइलें इसी तरह दफ्तरों में दबी रहती हैं।











