Friday, August 21, 2026
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Digvijaya Singh Ayodhya Visit : सियासी गलियारों से बड़ी खबर: दिग्विजय सिंह कल करेंगे रामलला के दर्शन; राघौगढ़ से अयोध्या तक की धार्मिक यात्रा का विशेष कार्यक्रम जारी

Digvijaya Singh Ayodhya Visit : भोपाल/अयोध्या (25 मार्च 2026)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद श्री दिग्विजय सिंह कल, यानी 26 मार्च को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश नवाएंगे। अपनी धार्मिक निष्ठा और सनातन परंपराओं के प्रति अडिग रहने वाले दिग्विजय सिंह का यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है। वे न केवल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे, बल्कि अयोध्या के अन्य प्राचीन मंदिरों में भी पूजा-अर्चना करेंगे।

मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम: हनुमान गढ़ी से कनक भवन तक

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, श्री सिंह का कार्यक्रम तय हो चुका है:

  • प्रस्थान: 26 मार्च को सुबह 08:00 बजे दिल्ली से रवाना होंगे।
  • आगमन: सुबह 09:40 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे।
  • हनुमान गढ़ी: सबसे पहले प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर में पवनपुत्र हनुमान जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।
  • रामलला दर्शन: इसके पश्चात वे नवनिर्मित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीराम के श्री विग्रह के दर्शन करेंगे।
  • कनक भवन: वे कनक भवन मंदिर भी जाएंगे, जो माता सीता और राम जी के प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

संकल्प की सिद्धि: मंदिर निर्माण पूर्ण होने पर जा रहे अयोध्या

दिग्विजय सिंह ने पूर्व में घोषणा की थी कि वे राम मंदिर के पूर्ण निर्माण के पश्चात ही दर्शन के लिए जाएंगे। अब चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और रामनवमी के पावन अवसर पर, निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद वे अपना संकल्प पूरा करने जा रहे हैं।

दान का इतिहास: बता दें कि श्री सिंह ने मंदिर निर्माण के लिए 18 जनवरी 2021 को 1,11,111 रुपये की गुप्त दान राशि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी थी।

रामानंदी संप्रदाय और नर्मदा परिक्रमा का नाता

दिग्विजय सिंह का सनातन धर्म से गहरा और वंशानुगत जुड़ाव है:

  1. वंशज: वे रामानंदी सम्प्रदाय के महान संत पीपाजी महाराज के वंशज हैं। उनके पैतृक निवास राघौगढ़ में राघौ जी महाराज का प्राचीन मंदिर आज भी उनकी आस्था का केंद्र है।
  2. धार्मिक प्रतिबद्धता: वर्ष 2017 में उनके द्वारा की गई 3300 किमी की नर्मदा पैदल परिक्रमा उनकी सनातन धर्म के प्रति अटूट आस्था का सबसे बड़ा प्रमाण है।
  3. गुरु दीक्षा: उन्होंने द्वारका पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज से गुरु दीक्षा ली थी। वे बिना पूजा-पाठ के अन्न ग्रहण नहीं करते और नियमित व्रत-उपवास का पालन करते हैं।

देश की खुशहाली की कामना

इस यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह देश और मध्य प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना करेंगे। एक ‘आदर्श सनातनी’ की छवि के साथ उनकी यह यात्रा राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ धार्मिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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