Diabetes treatment : अब सुई नहीं, ‘सांस’ के जरिए शरीर में जाएगा इंसुलिन; सिप्ला ने लॉन्च किया ‘Afrezza’

VIKASH KHALKHO

Diabetes treatment : नई दिल्ली/मुंबई : भारत में डायबिटीज के करोड़ों मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। दिग्गज दवा कंपनी सिप्ला (Cipla) ने देश में ‘अफ्रेजा’ (Afrezza) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह दुनिया का इकलौता ‘रैपिड-एक्टिंग’ इनहेल्ड इंसुलिन है, जिसे मरीज इंजेक्शन के बजाय एक छोटे इनहेलर के जरिए सांस के साथ शरीर में पहुंचा सकेंगे। इस नई तकनीक से उन मरीजों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी, जो ‘निडल फोबिया’ (सुई के डर) के कारण समय पर इंसुलिन नहीं ले पाते थे।Diabetes:टाइप-1 डायबिटीज का मिल गया 'रामबाण इलाज', हमेशा के लिए छूट सकती है  इंसुलिन इंजेक्शन की जरूरत - Diabetes Treatment Latest News Stem Cell  Transplant To Reverse Type 1 Diabetes - Amar Ujala Hindi News Live

भारत में वर्तमान में लगभग 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं, जिनमें से करीब 15 प्रतिशत को इंसुलिन थैरेपी की सख्त जरूरत है। चिंताजनक बात यह है कि इंजेक्शन के डर और सामाजिक हिचकिचाहट के कारण 40 प्रतिशत से भी कम मरीज नियमित इलाज करा रहे हैं। सिप्ला द्वारा पेश किया गया यह विकल्प मरीजों के इलाज के प्रति नजरिए को बदल सकता है।Say goodbye to needles: Cipla launches inhaled insulin for diabetics  approved by CDSCO

कैसे काम करती है यह दवा? अफ्रेजा एक छोटे, सिंगल-यूज कार्ट्रिज वाले इनहेलर के जरिए लिया जाता है। इसे मरीज अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार डोज लोड करके सांस के जरिए खींचते हैं। ‘टेक्नोस्फीयर’ तकनीक पर आधारित यह पाउडर इंसुलिन फेफड़ों के जरिए सीधे खून में पहुँचता है। यह पारंपरिक इंजेक्शन के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। इसे आमतौर पर दिन के सबसे भारी भोजन के साथ लेने की सलाह दी जाती है।

सिप्ला के ग्लोबल चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अचिन गुप्ता ने कहा कि यह थैरेपी केवल दवा नहीं, बल्कि ‘सोशल स्टिग्मा’ और ‘इंजेक्शन के डर’ के खिलाफ एक समाधान है। कंपनी इसके लिए पूरे देश में एक जागरूकता अभियान भी शुरू कर रही है। अमेरिका की मैनकाइंड कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित इस दवा को भारतीय दवा नियामक (CDSCO) से पिछले साल दिसंबर में ही मंजूरी मिल गई थी।What is Afrezza Inhaled Insulin?

विशेषज्ञों का मानना है कि इनहेल्ड इंसुलिन आने से उन 50 लाख से अधिक मरीजों को फायदा होगा जो वर्तमान में इंसुलिन ले रहे हैं, साथ ही उन लाखों नए मरीजों को भी इलाज के दायरे में लाया जा सकेगा जो अब तक सुई के डर से उपचार से बच रहे थे।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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