Tuesday, August 18, 2026
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जन सुरक्षा और पशु प्रेम का संतुलन : सुप्रीम कोर्ट ने बदला आवारा कुत्तों पर पुराना आदेश…

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में आवारा कुत्तों के मामले पर डॉग लवर्स को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को टीका लगाकर वापस उसी इलाके में छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। तीन जजों की बेंच – जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया – ने यह फैसला सुनाते हुए अपने पुराने आदेश में संशोधन किया है। पहले कोर्ट ने इन्हें शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल वही कुत्ते छोड़े जाएंगे जो रेबीज और आक्रामक प्रवृत्ति (एग्रेसिव) से ग्रसित नहीं होंगे। इस तरह के कुत्तों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनका अलग से टीकाकरण व उपचार किया जाएगा। साथ ही अदालत ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसके लिए एमसीडी और अन्य निकायों को अलग से फीडिंग स्पेस बनाने का निर्देश दिया गया है।

अदालत ने इस केस को दिल्ली-एनसीआर तक सीमित न रखकर पूरे देश में लागू करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट में लंबित मामलों को अपने पास ट्रांसफर कर लिया है। साथ ही कहा गया है कि आवारा कुत्तों को लेकर जल्द ही नेशनल पॉलिसी बनाई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि गोद लिए गए कुत्तों को सड़कों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। पशु प्रेमियों को चाहें तो कुत्तों को गोद लेने की अनुमति है। कोर्ट ने यह भी तय किया कि जो लोग या संगठन इस मामले की सुनवाई में पक्षकार बनना चाहते हैं, उन्हें 25 हजार से 2 लाख रुपये तक का भुगतान करना होगा।

इस फैसले के बाद डॉग लवर्स में खुशी का माहौल है, हालांकि कुछ संगठनों ने सवाल भी उठाए हैं कि आक्रामक या रेबीज संक्रमित कुत्तों की पहचान कैसे होगी और पब्लिक फीडिंग बंद होने के बाद इन्हें कहां खाना खिलाया जाएगा। वहीं, मेनका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से कई सवाल पूछते हुए कहा कि नेशनल पॉलिसी कब तक लागू होगी और नसबंदी कार्यक्रम (एबीसी) के लिए व्यवस्था कैसे की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के इस संशोधित आदेश का कई नेताओं ने स्वागत किया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह फैसला पशु कल्याण और जन सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में प्रगतिशील कदम है। दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी कोर्ट की टिप्पणियों को महत्वपूर्ण बताया।

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अदालत के निर्देशों के अनुसार अब देशभर में आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और टीकाकरण के बाद उनके मूल इलाके में ही छोड़ा जाएगा। रेबीज और एग्रेसिव कुत्तों को नहीं छोड़ा जाएगा, सार्वजनिक जगहों पर फीडिंग पर रोक रहेगी और इसके लिए अलग स्थान बनाए जाएंगे।

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