Dabra MP News : डबरा (ग्वालियर)। संवाददाता: संदीप शर्मा — डबरा शहर में झोलाछाप डॉक्टरों का अवैध कारोबार दिन-ब-दिन फलफूलता जा रहा है। हर गली-मोहल्ले में बिना डिग्री और पंजीकरण वाले तथाकथित डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन ‘मौत के सौदागरों’ पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
Dabra MP News : डबरा के विभिन्न इलाकों में ऐसे कई फर्जी क्लीनिक खुले हैं, जहां बिना किसी वैधानिक मान्यता के इलाज किया जा रहा है। इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास न तो इलाज का कानूनी अधिकार है और न ही जरूरी मेडिकल उपकरण, फिर भी खुलेआम मरीजों को दवाएं और इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। इससे कई बार मरीजों की हालत और बिगड़ चुकी है।
स्थानीय निवासी बोले— “इलाज के नाम पर खिलवाड़”
स्थानीय निवासी बताते हैं कि झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। “बिना लाइसेंस के दवाइयां बांटते हैं, गलत इंजेक्शन लगाते हैं। मेरे बच्चे की तबीयत एक बार और बिगड़ गई जब पास की एक झोलाछाप क्लीनिक पर गए,”— नाम न छापने की शर्त पर एक नागरिक ने कहा।
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शिकायतों के बाद भी ‘नौटंकी’ कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। दो-चार क्लीनिकों पर ताला लगाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कुछ दिनों बाद वही झोलाछाप डॉक्टर फिर से अपना धंधा चालू कर देते हैं। लोगों में यह भी चर्चा है कि इन डॉक्टरों को प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, तभी बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
जनता का फूटा गुस्सा— ठोस कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि डबरा में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर उन्हें हमेशा के लिए बंद किया जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में बिना डिग्री और लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति इलाज न कर सके।













