Cyber Crime : छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध का दायरा अब आम नागरिकों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया स्टार्स तक पहुंच गया है। बड़ी संख्या में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अब हैकिंग गिरोहों के शिकार बन रहे हैं। उनके लाखों फॉलोवर्स वाले अकाउंट्स को निशाना बनाकर हैकर्स न सिर्फ इनका नियंत्रण ले रहे हैं, बल्कि ब्लैकमेलिंग और डार्क वेब के जरिए भारी कमाई भी कर रहे हैं।
हमले की रणनीति बेहद शातिर
साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों के अनुसार, इन ऑनलाइन क्रिएटर्स को फर्जी ब्रांड डील्स, प्रमोशन या कोलैबोरेशन के बहाने टारगेट किया जाता है। उन्हें एक लिंक या डॉक्युमेंट भेजा जाता है जिसमें छिपा होता है मैलवेयर। जैसे ही वे लिंक पर क्लिक करते हैं या फाइल डाउनलोड करते हैं, उनकी लॉगिन डिटेल्स हैकर्स के पास पहुंच जाती हैं। कई मामलों में यह पूरा प्रोसेस कुछ ही सेकंड में हो जाता है।
सरकार और पुलिस सतर्क, लेकिन जागरूकता जरूरी
हालांकि साइबर सेल और पुलिस अलर्ट पर है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यूजर्स को खुद भी जागरूक रहने की ज़रूरत है। किसी भी संदिग्ध ईमेल, फाइल या लिंक पर क्लिक करने से पहले पुष्टि करना जरूरी है। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसे सुरक्षा उपायों को अपनाना चाहिए।
नया खतरा, नई सतर्कता की मांग
छत्तीसगढ़ में इस तरह की घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे साफ है कि अब डिजिटल अपराधियों का फोकस बदल चुका है। ऐसे में यूट्यूबर्स, इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर और दूसरे ऑनलाइन कंटेंट क्रिएटर्स को खुद को साइबर हैकिंग से बचाने के लिए ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।











