सिंगरौली। जिले के बधौरा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम नगवा में रहने वाले बुजुर्ग दंपत्ति पिछले कई दिनों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण उनकी शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की, जबकि मामला जानलेवा हमला और जमीन विवाद से जुड़ा है।
66 वर्षीय मेवालाल यादव के अनुसार, घटना 18 सितंबर 2025 की रात हुई। उनके पड़ोसी मुटुकलाल गुप्ता के मवेशी उनकी मक्का की फसल में घुस गए। जब उनकी पत्नी मवेशियों को बाहर निकालने गईं, तो पड़ोसी नाराज होकर गाली-गलौज और हिंसक व्यवहार करने लगा। अगले दिन, 19 सितंबर दोपहर, मेवालाल के मवेशियों को बांधने के दौरान मुटुकलाल ने बैलों और मेवालाल पर हमला किया, साथ ही फसल को भी नुकसान पहुँचाया।
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मेवालाल का कहना है कि यह विवाद जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा है, और आरोपी लगातार उन्हें धमकाता और परेशान करता है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस पर आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोग भी बताते हैं कि बधौरा क्षेत्र में कुछ राजनीतिक दलों के प्रभावशाली नेता इतने प्रभारी हैं कि साधारण नागरिकों की शिकायतें अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। बुजुर्ग दंपत्ति तहसील, थाना और जिला स्तर तक अपनी फरियाद ले जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय सामाजिक संगठन प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर तत्काल FIR दर्ज करने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का सवाल है कि प्रशासन और पुलिस कब राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर गरीब और बेसहारा परिवारों को न्याय दिलाएगी।











