Special Intensive Review (SIR) : नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को चुनाव आयोग (ECI) और केंद्र की मोदी सरकार पर मिलकर ‘वोट चोरी’ का खेल खेलने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान 69 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, और अब यही प्रक्रिया 12 अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दोहराई जा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा सोमवार को 12 राज्यों में SIR के अगले चरण की घोषणा करने के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “चुनाव आयोग अब 12 राज्यों में ‘वोट चोरी’ का खेल खेलने जा रहा है। बिहार में SIR के तहत 69 लाख वोट काटे गए, अब 12 राज्यों में करोड़ों वोट हटाए जाएंगे। यह खुली मतदाता चोरी है, जो नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग मिलकर कर रहे हैं।”
▪️SIR के ज़रिए क्या बिहार को लोकतंत्र की हत्या करने की प्रयोगशाला बनाया गया?
▪️12 राज्यों में जो SIR की घोषणा हुई है, क्या उसके दिशा निर्देश 2003 के SIR से अलग होंगे?
▪️क्या SIR का यह राउंड भी सिर्फ वोट काटने के लिए है, क्यूंकि बिहार में चुनाव आयोग ने डोर टू डोर करके नए वोटर… pic.twitter.com/QLBLlE9IPG— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) October 27, 2025
Special Intensive Review (SIR) : ‘सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित, फिर इतनी जल्दबाज़ी क्यों?’
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस फैसले पर पार्टी की तीन प्रमुख आपत्तियां गिनाईं। उन्होंने सवाल किया कि जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, तो चुनाव आयोग इतनी जल्दबाज़ी क्यों दिखा रहा है। तिवारी ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर पारदर्शिता न दिखाने का भी आरोप लगाया और कहा कि आयोग ने कोई डेटा साझा नहीं किया। उन्होंने पूछा कि अगर अवैध प्रवासियों का मुद्दा इतना अहम है, तो असम में SIR क्यों नहीं किया गया, यह केंद्र सरकार की नाकामी है।
Special Intensive Review (SIR) : ‘बिहार SIR ने BJP और ECI की मंशा उजागर की’
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि बिहार के SIR अभियान ने पहले ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेड़ा ने आरोप लगाया, “आयोग ने 12 राज्यों में SIR की घोषणा कर दी, लेकिन बिहार में क्या हुआ, इसका जवाब आज तक नहीं मिला। मामला इतना गंभीर था कि सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की पूरी प्रक्रिया ने भाजपा और ईसीआई दोनों की नीयत पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR में मतदाता हेराफेरी के कई मामले सामने आए, जिनकी जांच करने के बजाय आयोग ने खुद इस अभियान का विस्तार कर दिया।
Special Intensive Review (SIR) : चुनाव आयोग का पक्ष
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने साफ किया है कि SIR उसकी नियमित मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए किया जाता है। आयोग ने कहा कि बिहार चरण के दौरान कोई औपचारिक आपत्ति या अपील दर्ज नहीं हुई थी।











