Sunday, August 23, 2026
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Weather Information Network : मध्यप्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात: 434 करोड़ की लागत से बनेगा ‘वेदर इंफो नेटवर्क’, कैबिनेट ने दी मंजूरी

Weather Information Network : बुरहानपुर (गोपाल देवकर)। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए प्रदेश मंत्रिपरिषद ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत “वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम” (WIND) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा करीब 434 करोड़ 58 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस निर्णय से खासकर बुरहानपुर जिले के केला और उद्यानिकी किसानों में खुशी की लहर है, जिन्हें अक्सर मौसम की मार के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ता था।

बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस ने प्रेसवार्ता के दौरान इस निर्णय को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के तहत प्रत्येक तहसील स्तर पर ‘ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन’ और ग्राम पंचायत स्तर पर ‘स्वचालित वर्षा मापक यंत्र’ स्थापित किए जाएंगे। इस वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से मौसम का सटीक आंकलन संभव होगा। अब तक फसल क्षति के आंकलन में होने वाली मानवीय त्रुटियां और देरी खत्म होगी, जिससे किसानों को पारदर्शी और त्वरित तरीके से बीमा राशि का लाभ मिल सकेगा।

Weather Information Network : विधायक चिटनिस ने आगे स्पष्ट किया कि जब तक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन की स्थापना और टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक किसानों के हितों की रक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। राजस्व और उद्यानिकी विभाग संयुक्त रूप से फसलों के नुकसान का सर्वे करेंगे, ताकि आरबीसी 6/4 के अंतर्गत पात्र किसानों को मुआवजा मिलता रहे। उन्होंने कहा कि केला उत्पादकों और उद्यानिकी किसानों के लिए यह सुरक्षा कवच उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दूसरी ओर, इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल भी तेज रही। कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक रविंद्र महाजन ने पूर्व में चेतावनी दी थी कि यदि 31 दिसंबर तक फसल बीमा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसान उग्र आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। हालांकि, जब कैबिनेट द्वारा वेदर स्टेशन और नेटवर्क प्रणाली को मंजूरी मिलने की जानकारी साझा की गई, तो उन्होंने भी इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त किया। कांग्रेस ने इसे किसानों के संघर्ष की जीत बताया।

प्रेसवार्ता के दौरान विधायक अर्चना चिटनिस ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रणाली की स्थापना के लिए वे लंबे समय से शासन स्तर पर प्रयासरत थीं। बुरहानपुर का केला अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और मौसम आधारित बीमा प्रणाली के सुदृढ़ होने से यहाँ के किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। यह तकनीक न केवल बारिश, बल्कि तापमान और हवा की गति जैसे मानकों का भी सटीक डेटा उपलब्ध कराएगी, जो उद्यानिकी फसलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जिले के कृषक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। किसानों का मानना है कि पंचायत स्तर पर वर्षा मापक यंत्र लगने से अब बीमा कंपनियों के दावों पर सटीक निगरानी रखी जा सकेगी। फिलहाल, 434 करोड़ की इस परियोजना ने प्रदेश में कृषि तकनीक और किसान कल्याण के क्षेत्र में नई उम्मीद जगा दी है।

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