भोपाल। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से नवजात शिशुओं और बच्चों की मौत के मामलों के बाद महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बैच SR-13 की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जिनके पास यह सिरप है, उन्हें इसकी जानकारी औषधि नियंत्रण अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के ड्रग्स विभाग ने भी इस सिरप की जांच के आदेश जारी किए हैं। सभी मेडिकल स्टोर और अस्पतालों से इस सिरप के नमूने एकत्र करके लखनऊ प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एक ही बैच के नमूने एक से अधिक बार संकलित न किए जाएँ।
मध्य प्रदेश में अब तक 16 और राजस्थान में 3 बच्चों की मौत इस सिरप के सेवन से हो चुकी है। जांच में पाया गया कि इस सिरप में Diethylene Glycol नामक हानिकारक तत्व की मिलावट थी, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से सिरप और उसमें उपयोग होने वाले Propylene Glycol के नमूने भी जांच के लिए भेजने का आदेश दिया है। इसके अलावा मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में उपलब्ध सभी कफ सिरप के नमूने जब्त कर लिए जाएंगे।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने भी सभी जिलों में निर्देश जारी किए हैं कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या सर्दी की दवा न दी जाए। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में दवा केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह और न्यूनतम अवधि के लिए दी जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और फार्मासिस्टों से भी अपील की है कि वे बच्चों में इन दवाओं के अनावश्यक उपयोग से बचें। इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार से घटिया या हानिकारक दवाओं को हटाकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।









