CM Mohan Yadav Bhopal News : भोपाल (12 फरवरी 2026): राजधानी भोपाल में आयोजित ‘ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट एवं आधुनिक भवन निर्माण तकनीक’ कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंजीनियरों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की।
इंजीनियर: सृजन के साक्षात देवता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “इंजीनियर साक्षात विश्वकर्मा के अवतार हैं। आप जो बोलो, वो बना देते हैं।” उन्होंने कहा कि सड़क, पुल और पुलिया निर्माण में इंजीनियरों का ज्ञान अतुलनीय है। हालांकि, उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि इंजीनियरों के सामने कई चुनौतियां हैं— “जनता और पुलिस अलग परेशान करती है और ठेकेदार मानते नहीं हैं।” उन्होंने सरकारी सिस्टम की जटिलताओं को ‘कष्टकारी’ बताते हुए इसे सरल बनाने पर जोर दिया।
तकनीक और जवाबदेही: हर रुपये का हिसाब
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग में आए बदलावों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ‘पीएम गतिशक्ति पोर्टल’ के माध्यम से बजट मॉड्यूल तैयार किया गया है।
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पारदर्शिता: सिस्टम अब खुद बताएगा कि पिछले 3 वर्षों में कौन सी सड़क सुधारी गई।
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जवाबदेही: ‘परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल-2.0’ शुरू किया गया है, जहाँ हर प्रोजेक्ट के लिए अधिकारी की जवाबदेही और समय-सीमा तय होगी।
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ट्रेनिंग हब: मध्य प्रदेश में ऐसा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनेगा जहाँ अन्य राज्यों के इंजीनियर भी सीखने आएंगे। इसके लिए IIT मुंबई और SPA भोपाल जैसी संस्थाओं के साथ एमओयू किया जा रहा है।
ग्रीन बिल्डिंग और पर्यावरण संरक्षण
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अब कंप्यूटर और आधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से ऐसी प्लानिंग की जाएगी कि बिना किसी पेड़ या टहनी को काटे बिल्डिंग का निर्माण किया जा सके। साथ ही, 5 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स में ‘लोक कल्याण सरोवर’ विकसित किए जाएंगे, जिनका औचक निरीक्षण स्वयं मंत्री करेंगे।
विकसित भारत की ओर कदम
प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने बताया कि विभाग का लक्ष्य लॉजिस्टिक कॉस्ट में 10 से 12 प्रतिशत की कमी लाना है। कार्यशाला में विक्रांत सिंह तोमर ने क्षमता निर्माण पर व्याख्यान दिया और अतिथियों को गीता भेंट की।











