Chhattisgarh Smart Class Project : बिलासपुर/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर बिलासपुर में ध्वजारोहण के पश्चात प्रदेश की जनता के नाम अपने संबोधन में शिक्षा के कायाकल्प का रोडमैप पेश किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए बड़ी तकनीकी सौगातें दीं। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 9000 स्मार्ट क्लास तैयार किए जाएंगे और 22000 से ज्यादा नए कंप्यूटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे सुदूर अंचलों के बच्चे भी आधुनिक तकनीक से जुड़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने पदभार संभालने के दौरान की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के 453 स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन थे और 1400 से ज्यादा स्कूल महज एक शिक्षक के भरोसे चल रहे थे। सरकार ने ‘युक्तियुक्तकरण’ की प्रक्रिया अपनाकर शिक्षकों की कमी को दूर किया। मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने ‘परख सर्वे’ में छत्तीसगढ़ के बेहतर प्रदर्शन पर शिक्षकों की जमकर पीठ थपथपाई और कहा कि शिक्षकों की मेहनत से ही लर्निंग लॉस की भरपाई संभव हो पाई है।
उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रायपुर के प्रसिद्ध ‘नालंदा परिसर’ की तर्ज पर प्रदेश के सभी 34 नगरीय क्षेत्रों में हाई-टेक लाइब्रेरी और अध्ययन केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा आईटीआई (ITI) के माध्यम से युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खेल जगत के लिए भी मुख्यमंत्री ने पिटारा खोलते हुए नया रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 85 लाख रुपये का प्रावधान और ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि की घोषणा की।
मुख्यमंत्री के इस संबोधन ने यह साफ कर दिया है कि सरकार का आगामी लक्ष्य न केवल स्कूलों में भौतिक अधोसंरचना को मजबूत करना है, बल्कि शिक्षकों की गौरवशाली भूमिका को पुनर्स्थापित कर बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।











