Chhattisgarh Silver Festival 2025 : रायपुर : छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्षों में राज्य में हवाई कनेक्टिविटी का बड़ा विस्तार हुआ है, जिसका सीधा फायदा बस्तर को मिल रहा है। जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा अब क्षेत्र के विकास का नया केंद्र बन गया है, जहाँ से अब तक लगभग 3 लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं।
Chhattisgarh Silver Festival 2025 : इतिहास से विकास तक का सफर
- पुराना नाम: 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में बने इस हवाई अड्डे को पहले ‘जहाज भाटा’ के नाम से जाना जाता था।
- उन्नयन: 2017 में केंद्र सरकार की ‘उड़ान योजना’ के तहत इसका अपग्रेडेशन शुरू हुआ, और 2019 में यह 3-सी श्रेणी का हवाई अड्डा बन गया।
- नामकरण: 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने इसका नाम बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर रखा।
बस्तर की नई पहचान
सितंबर 2020 में यहाँ से रायपुर और हैदराबाद के लिए नियमित उड़ानें शुरू हुईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर से भी यह हवाई मार्ग से जुड़ गया। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने भी अपनी दैनिक सेवाएँ शुरू कर दी हैं।
इस हवाई सेवा से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आया है। अब गंभीर मरीजों को जल्द उपचार मिल रहा है, और छात्र आसानी से उच्च शिक्षा व रोजगार के लिए बड़े शहरों तक पहुँच पा रहे हैं।
हवाई कनेक्टिविटी से बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुँचाना आसान हो गया है। साथ ही, चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक भी अब पर्यटकों की पहुँच आसान हुई है।
यह एयरपोर्ट बस्तर अंचल की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है, जिससे बस्तर को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है।













