राजनांदगांव : राज्य में नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है। आज राजनांदगांव जिले में 1 करोड़ रुपए का इनामी नक्सली रामदेर अपने 11 साथियों के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के सामने सरेंडर करने जा रहा है। यह घटना प्रदेश में नक्सलियों के सरेंडर अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी।
बड़े नक्सली का सरेंडर
रामदेर लंबे समय से नक्सली संगठन में सक्रिय था और उस पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। आज का सरेंडर न केवल राज्य सरकार के लिए बल्कि सुरक्षा बलों के लिए भी बड़ी सफलता मानी जा रही है। इसके साथ ही 11 अन्य नक्सलियों का भी समर्पण क्षेत्र में शांति की दिशा में अहम कदम होगा।
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सुरक्षा और प्रशासन के पुख्ता इंतजाम
सरेंडर की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी है। पुलिस और CRPF के जवानों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगी। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से नक्सली गतिविधियों में कमी आएगी और स्थानीय लोगों के जीवन में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
राज्य में नक्सली सरेंडर की लगातार घटनाएं
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों में कई नक्सलियों ने सरकार के सामने सरेंडर किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नक्सली संगठन को कमजोर करने और प्रदेश में शांति कायम करने की दिशा में अहम कदम है। रामदेर का सरेंडर इस अभियान में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
रामदेर का इतिहास और प्रभाव
रामदेर ने लंबे समय तक नक्सली संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई। उसके सरेंडर से सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगेगी और स्थानीय क्षेत्र में आम जनता सुरक्षित महसूस करेगी।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
CM विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह सरेंडर राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों और लगातार की गई सुरक्षा कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने नक्सलियों को चेतावनी भी दी कि भविष्य में अपराध की कोई गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी।













