रायपुर [Nishanebaaz News] RDA New Township Raipur। छत्तीसगढ़ की राजधानी में कौशल्या विहार (पूर्व नाम कमल विहार) के निर्माण के करीब डेढ़ दशक बाद रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने एक विशाल आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजना की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। नवा रायपुर के समीप स्थित ग्राम पिरदा और तुलसी की लगभग 355 एकड़ भूमि को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत शामिल करते हुए राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है।
भू-स्वामियों को मिलेगा 40 प्रतिशत विकसित भूखंड प्रस्तावित Pirda Tulsi Township Scheme के तहत क्षेत्र का नियोजित मास्टर प्लान तैयार कर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पिरदा और तुलसी के 879 भू-स्वामियों से दावे तथा आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। जमीन का समतलीकरण और नियोजन पूर्ण होने के उपरांत संबंधित भू-स्वामियों को उनके मूल रकबे का 40 प्रतिशत विकसित हिस्सा वापस हस्तांतरित करने का वैधानिक प्रावधान रखा गया है।
अतीत की वित्तीय बाधाओं से लिया गया सबक पूर्ववर्ती परियोजनाओं के संचालन के दौरान सामने आई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए Raipur RDA New Project का मॉडल विशेष रूप से तैयार किया गया है। आरडीए अधिकारियों के अनुसार, पुरानी योजनाओं में आए वित्तीय दबावों और तकनीकी जटिलताओं को दूर कर इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। प्राधिकरण का मुख्य ध्येय है कि चालू वर्ष के अंत यानी दिसंबर माह तक समस्त भू-स्वामियों के दावों का निस्तारण कर अगली प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया टाउनशिप क्षेत्र के सर्वांगीण ढांचागत विकास के लिए RDA Land Development Plan में उच्चस्तरीय नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत पक्की चौड़ी सड़कें, भूमिगत सीवरेज नेटवर्क, निर्बाध जलापूर्ति, विद्युत ग्रिड, हरित पार्क तथा ओपन स्पेस विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों को व्यवस्थित रूप से विभाजित किया जाएगा, जिसमें निजी पूंजीपतियों और निवेशकों की सहभागिता के लिए भी रास्ते खुले रखे गए हैं।
समयबद्ध समय-सीमा और पारदर्शिता पर जोर राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ ही RDA New Township Notification के तहत आपत्तियों के निराकरण की समय-सीमा तय कर दी गई है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण करने के पश्चात प्राधिकरण भूमि के भौतिक सीमांकन और लेआउट की अंतिम स्वीकृति की ओर बढ़ेगा। आरडीए का प्रयास है कि नई योजना में पिछले अनुभवों का लाभ उठाते हुए तय समय सीमा के भीतर सभी भू-स्वामियों को उनका अधिकार प्रदान किया जाए।





