रायपुर [Nishanebaaz News]Raipur Tikrapara Jeweller Wall Breaking Theft Solved। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी और दुस्साहसिक चोरी की वारदात को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 स्थित ‘श्री गुरु ज्वेलर्स’ दुकान की दीवार तोड़कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण पार करने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लगभग 2 किलो चांदी के आभूषण, एक सोने का लॉकेट, वारदात में इस्तेमाल की गई दो दोपहिया गाड़ियां और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए सभी सामानों की कुल अनुमानित कीमत करीब 7.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
सुबह दुकान पहुंचने पर टूटी मिली थी दीवार घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 निवासी निमाई डोन्डा की श्री गुरु ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। 10 अगस्त 2026 की सुबह करीब 7 बजे जब उन्हें दुकान में चोरी होने की सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। दुकान के अंदर जाकर देखने पर पता चला कि पीछे की दीवार टूटी हुई थी और तिजोरी में रखे सोने-चांदी के गहने गायब थे। इसके बाद पीड़ित कारोबारी ने तत्काल टिकरापारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
हजारों CCTV फुटेज खंगाले, 10 से ज्यादा टीमें लगाई गईं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मामले के त्वरित खुलासे के लिए 10 से अधिक विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आसपास के इलाकों में लगे हजारों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा हाल ही में जेल से रिहा हुए शातिर अपराधियों और पुराने नकबजनों का ब्योरा जुटाकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी।
महिला से कड़ी पूछताछ में खुला राज सघन जांच के दौरान पुलिस ने संदेही के आधार पर पुरानी बस्ती रायपुर की रहने वाली आकांक्षा सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिसिया पूछताछ में महिला ज्यादा देर तक सच नहीं छुपा सकी और उसने चोरी के इस पूरे षड्यंत्र में शामिल होने का जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत चार अन्य सह-आरोपियों को भी घेराबंदी कर धर दबोचा।
रेकी कर तोड़ी थी दीवार पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाली रात एम. मोहन राव और मिराज आलम ने योजनाबद्ध तरीके से दुकान की दीवार तोड़ी और अंदर दाखिल होकर गहने चुराए। इस दौरान गिरोह का एक अन्य सदस्य लोकेश राव बाहर रहकर आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए था। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपियों ने गहनों को आपस में बांट लिया था। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर रही है, जिससे कुछ अन्य वारदातों के भी खुलासे होने की संभावना है।





