रायपुर। Nishaanebaz.com-Chhattisgarh Education Department Scandal: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग से एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति (Online Attendance) की जब सख्ती से निगरानी शुरू की गई, तो जो आंकड़े सामने आए उन्होंने विभाग के अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। स्थिति यह है कि अकेले सितंबर महीने में 7 हजार से अधिक शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी सिस्टम में दर्ज ही नहीं हुई है। यह बड़ा खुलासा ऐसे समय पर सामने आया है जब विभाग शिक्षकों से लेकर बाबू और चपरासियों तक के अवैध अटैचमेंट को पूरी तरह खत्म करने का दावा कर रहा है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए जुलाई महीने से एक नई व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत नियम बनाया गया था कि प्रत्येक शिक्षक को अपने स्कूल परिसर से ही मोबाइल ऐप के जरिए दो बार हाजिरी लगानी होगी—पहली बार स्कूल पहुंचते समय और दूसरी बार छुट्टी के वक्त। शुरुआत में जुलाई और अगस्त में तकनीकी दिक्कतों और नेटवर्क समस्याओं के चलते कुछ नरमी बरती गई थी और वेतन रोकने का फैसला टाल दिया गया था।
लेकिन सितंबर में जब सिस्टम पूरी तरह स्थिर हो गया और अधिकारियों ने एक-एक स्कूल के डिजिटल डेटा को खंगाला, तो 7 हजार से ज्यादा शिक्षकों के नाम गायब मिले। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ समय पहले तक 10 हजार से अधिक शिक्षक बिना स्कूल जाए दूसरे विभागों में अटैच होकर काम कर रहे थे और वेतन शिक्षा विभाग से उठा रहे थे। इसी अवैध प्रथा को रोकने के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी।
नारायणपुर में सबसे खराब स्थिति, कभी भी रुकेगा वेतन
सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, नारायणपुर जिला प्रदर्शन के मामले में सबसे पीछे है, जहां रोजाना केवल 70 प्रतिशत शिक्षक ही हाजिरी लगा पा रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का तर्क है कि दूरदराज के कुछ वनांचल गांवों में नेटवर्क की गंभीर समस्या है, ऐसे स्कूलों को फिलहाल ऑफलाइन हाजिरी की छूट दी गई है।
लेकिन उन शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं जो बिना किसी वैध कारण के ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं। संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र लिखकर ऐसे शिक्षकों की असल पदस्थापना और ड्यूटी की जगह की जानकारी मांगी है। विभाग अब सख्त मूड में है और रिपोर्ट मिलते ही बिना वजह हाजिरी से बचने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने के साथ-साथ अन्य कड़ी विभागीय कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है।


