CG News: रायपुर। राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने नाराजगी जताई है। नगर निगम के कामकाज की समीक्षा बैठक में उन्होंने शहर में गंदगी की तस्वीरें दिखाकर अधिकारियों को फटकार लगाई और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
शहर के कई गली-मोहल्लों और प्रमुख सड़कों पर कचरे के ढेर तथा नालियों से निकाले गए कचरे के कारण लोगों को परेशानी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। समीक्षा बैठक में सफाई व्यवस्था की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सचिव ने अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार लाने और नियमित निगरानी करने की हिदायत दी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही पर सख्त रुख
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सचिव सोनमणि बोरा ने योजना के तहत बन रहे मकानों की गुणवत्ता और कामकाज में लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब परिवारों के आवास निर्माण में गुणवत्ताहीन काम और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित मानकों के अनुसार काम पूरा कराने के निर्देश दिए। योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया।
निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सचिव ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रत्येक तिमाही में प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने नगर निगम के अभियंताओं और अधिकारियों से भविष्य में प्रस्तावित कार्यों की रूपरेखा तैयार रखने, गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा। अधिकारियों को केवल काम शुरू करने के बजाय उसे निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने पर ध्यान देने की हिदायत दी गई।
नए नालंदा परिसर में दिव्यांगजनों के लिए होंगी सुविधाएं
रायपुर में निर्माणाधीन नए नालंदा परिसर को लेकर भी सचिव ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने परिसर की कमियों को दूर करते हुए नए परिसर में आधुनिक और बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं। भवन में दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
इसके साथ ही नगर निगम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली की खपत कम करने के लिए ऊर्जा-कुशल तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। नागरिक सेवाओं को आसान बनाने, जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने और राजस्व वसूली में डिजिटल तकनीक अपनाने के निर्देश भी दिए गए।
मार्च 2027 तक शीतला तालाब का सौंदर्यीकरण पूरा करने का लक्ष्य
मिशन अमृत 2.0 के तहत रायपुर के शीतला तालाब के पुनरोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने गहरीकरण, पिचिंग और पेवर-ब्लॉक सहित अन्य कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों में निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में निदान-1100 के माध्यम से मिलने वाली नागरिक शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में प्राथमिकता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
सिविल लाइंस स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक नीलेश क्षीरसागर, सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और विभिन्न जोनों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य जोर सफाई व्यवस्था सुधारने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रहा।

