Chhattisgarh Rajyotsav 2026: ‘सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर होगा इस बार का राज्योत्सव, भव्य राज्योत्सव की तैयारियां तेज

VIKASH KHALKHO

रायपुर। Nishaanebaz.com-Chhattisgarh Rajyotsav: छत्तीसगढ़ में इस वर्ष का राज्योत्सव बेहद खास और अनूठे स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है, जिसकी तैयारियां इन दिनों प्रशासनिक स्तर पर जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार के राज्योत्सव की थीम ‘सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ तय की गई है, जो प्रदेश की बदलती तस्वीर और सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित करेगी। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष निमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रायपुर आ रहे हैं, जिससे इस आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों और रूपरेखा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार के आयोजन में स्थानीय कलाकारों और उनकी प्रतिभा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही आम जनता की मांग और पसंद को ध्यान में रखते हुए देश के अन्य हिस्सों से भी तीन विशेष कलाकारों को कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्योत्सव में आने वाले प्रत्येक नागरिक को बेहतरीन सुविधाएं मिल सकें, जिसके तहत आयोजन स्थल पर आवागमन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

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प्रेसवार्ता के दौरान संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी एक अन्य बड़ी योजना की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘राम वन गमन परिपथ’ का विकास अब तीन चरणबद्ध चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके पहले चरण के तहत राज्य के चुनिंदा 10 प्रमुख स्थानों का विकास किया जाएगा। इन चयनित स्थलों में धमतरी जिले का रुद्रेश्वर महादेव मंदिर और रुद्री, नगरी-सिहावा का शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम, जांजगीर-चांपा का खरौद, सुकमा का रामाराम और चिंतामीटर मंदिर, सरगुजा का चंदन मिहीं रामगढ़ और सीता बेंगरा, रायगढ़ का रामझरना, कांकेर का विष्णु मंदिर (रामपुर-जुनवानी), चित्रकोट शिव मंदिर तथा कोरिया जिले का सीतामढ़ी-हरचौका शामिल हैं।

मंत्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शोध और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर राम वन गमन परिपथ के लिए कुल 31 स्थानों का चयन किया गया है, जिनका विकास आगामी तीन वर्षों के भीतर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इन सभी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा स्थानीय पर्यटकों, साधु-संतों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए विशेष आश्रय स्थल बनाए जाएंगे, साथ ही सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी धार्मिक व सांस्कृतिक सुविधाएं भी स्थापित करने की ठोस योजना बनाई गई है।

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सरकार ने पिछली व्यवस्थाओं पर भी बात करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान राम वन गमन परिपथ के जो काम आधे-अधूरे छोड़ दिए गए थे, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। साथ ही, पहले से निर्मित बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी पूरा जोर रहेगा, ताकि हरचौका और सीतामढ़ी जैसे पवित्र स्थलों के विकास कार्यों को गति मिल सके। इस प्रकार इस बार का राज्योत्सव सांस्कृतिक उल्लास और विकास की नई इबारत लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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