Tuesday, August 18, 2026
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Lailunga Thappad kand: लैलूंगा थप्पड़कांड में नया मोड़: ‘डर्टी प्रोफेसर’ की कहानी के पीछे ढाई लाख की फिरौती का खेल; लीक ऑडियो-वीडियो से खुली ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट की पोल!

Lailunga Thappad kand: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा स्थित शासकीय महाविद्यालय कुंजारा के एक प्रोफेसर के साथ जेडी कॉलोनी के एक बंद कमरे में हुई मारपीट और हाई-वोल्टेज ड्रामे ने अब एक नया और खौफनाक कानूनी मोड़ ले लिया है। शुरुआत में इस घटना को एक ‘डर्टी प्रोफेसर’ द्वारा पिछले डेढ़ साल से किए जा रहे कथित मानसिक व शारीरिक शोषण के खिलाफ एक युवती का गुस्सा बताया जा रहा था। लेकिन इस घटना के तुरंत बाद लीक हुए कुछ बेहद गोपनीय ऑडियो और वीडियो क्लिप्स ने पूरी कहानी को पलट कर रख दिया है। अब यह मामला गंभीर यौन उत्पीड़न का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर ढाई लाख रुपये की जबरन वसूली (Extortion) और ब्लैकमेलिंग के एक सोचे-समझे सिंडिकेट का नजर आ रहा है।

कॉलोनी में हुआ था हाई-वोल्टेज थप्पड़कांड

दरअसल, घटना के दिन कथित पीड़िता अपने एक पुरुष साथी (जिसे उसने मंगेतर बताया) के साथ सीधे जेडी कॉलोनी स्थित प्रोफेसर रमन भार्गव के निवास पर पहुँची। वहां युवती ने प्रोफेसर का गिरेबान पकड़ा और उनकी पत्नी के सामने ही थप्पड़ों की बौछार कर दी। वीडियो में युवती चीखते हुए प्रोफेसर के परिवार को बर्बाद करने और घर नोंच लेने की धमकी देती नजर आई। उस वक्त जहां समाज की अन्य लड़कियों को आगे आने की दुहाई दी जा रही थी, वहीं इस घटना के तुरंत बाद बंद कमरे के भीतर का एक दूसरा वीडियो लीक हो गया, जिसने पूरे मामले का रुख ही मोड़ दिया।

कैमरे के पीछे का सच: न्याय नहीं, पैसों की सौदेबाजी!

पड़ताल के दौरान लीक हुए दूसरे वीडियो और बातचीत के ऑडियो से चार बेहद तीखे और गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • ढाई लाख की डिमांड और बेटी को उठाने की धमकी: लीक हुए वीडियो में कथित पीड़िता न्याय की गुहार लगाने के बजाय साफ़ शब्दों में सौदेबाजी और उगाही करती दिख रही है। वह प्रोफेसर को धमकाते हुए कह रही है— “ढाई लाख रुपये की बात है, आप शाम तक व्यवस्था कीजिये सर। गाड़ी बेचो या कुछ भी करो… अगर मेरा वीडियो वायरल हुआ तो मैं आपकी बेटी को भी उठवा लूंगी।”

  • फर्जी छात्रा का नकाब उतरा: शुरुआती खबरों में दावा किया गया था कि युवती उसी कॉलेज की छात्रा है। मगर जांच में पता चला कि वह शासकीय महाविद्यालय की स्टूडेंट है ही नहीं, बल्कि प्रोफेसर की पड़ोसी है।

  • सगाई का दावा संदेहास्पद: कॉलोनी में तमाशा खड़ा करने के लिए युवती ने अपनी शादी टूटने का डर दिखाया था, लेकिन प्रोफेसर के परिवार के अनुसार उसकी कोई सगाई नहीं हुई है।

  • मदद का बदला ब्लैकमेलिंग से: प्रोफेसर की पत्नी ने रोते हुए खुलासा किया कि जब इस युवती के पिता बीमार थे, तब उन्होंने अपनी बेटी के गुल्लक के पैसे तोड़कर और व्यक्तिगत तौर पर ₹30,000 देकर इनकी मदद की थी। यह परिवार अक्सर उनके घर जन्मदिन और पिकनिक मनाने आता था।

कथित पत्रकारों की आड़ में ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट?

लीक हुए साक्ष्यों से यह बात शीशे की तरह साफ हो चुकी है कि जेडी कॉलोनी में हुए इस पूरे उपद्रव को बकायदा योजनाबद्ध तरीके (Pre-planned) से अंजाम दिया गया था। प्रोफेसर पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए कुछ स्थानीय कथित पत्रकारों और असामाजिक तत्वों को वहां पहले से कैमरा लेकर तैनात किया गया था। वीडियो में बकायदा पैसों की सौदेबाजी की जा रही है कि “पहले तीन लाख की बात हुई थी, जिसे कम करके ढाई लाख किया गया है”। इस पूरे मामले ने अब एक गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है कि क्या एक शिक्षक वाकई दोषी है या फिर एक सीधे-साधे परिवार को जाल में फंसाकर मोटी रकम ऐंठने की यह एक खौफनाक साजिश है? फिलहाल इस गिरोह के असली सच को सामने लाने के लिए पुलिस की गहन पड़ताल जारी है।

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