Raipur Blue Water Accident: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- रायपुर से सटे ब्लू वाटर में बुधवार शाम डूबे युवक आदिल का शव शनिवार सुबह तक नहीं मिल पाया है। गुरुवार और शुक्रवार को लगातार तलाश के बाद भी सफलता नहीं मिली। अब शनिवार को रायपुर ब्लू वाटर हादसा मामले में SDRF ने एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। मौके पर NDRF की टीम भी मौजूद है।टीमें पानी के अंदर और आसपास के हिस्सों में युवक की तलाश कर रही हैं। पानी की अधिक गहराई के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ब्लू वाटर डूबने की घटना के मुताबिक आदिल बुधवार शाम अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए यहां पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी में तैरने को लेकर शर्त लग गई।शर्त के बाद आदिल पानी में उतर गया। बताया जा रहा है कि वह धीरे-धीरे गहरे हिस्से में चला गया और इसके बाद वापस बाहर नहीं आ सका। कुछ ही देर में उसके डूबने की सूचना पुलिस को दी गई।
SDRF और NDRF ने संभाला सर्च ऑपरेशन
रायपुर ब्लू वाटर सर्च ऑपरेशन की शुरुआत युवक के डूबने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद कर दी गई थी। पुलिस के साथ SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और पानी में तलाश शुरू की।गुरुवार और शुक्रवार को भी टीमों ने काफी प्रयास किया, लेकिन आदिल का पता नहीं चल सका। शनिवार को दोबारा सर्च अभियान शुरू किया गया है।
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पानी की गहराई बनी सबसे बड़ी परेशानी
ब्लू वाटर रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती पानी की ज्यादा गहराई बताई जा रही है। गहरे पानी में विजिबिलिटी और तलाशी की स्थिति कठिन होने के कारण टीमों को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है।रेस्क्यू टीम संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही है। परिवार और दोस्तों को अब भी युवक के मिलने का इंतजार है।
ब्लू वाटर में पहले भी हो चुके हैं हादसे
रायपुर ब्लू वाटर दुर्घटना कोई पहली घटना नहीं है। राजधानी से लगे इस इलाके में पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोकने और खतरनाक हिस्सों को सुरक्षित बनाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।ऐसे स्थानों पर पानी की गहराई और दूसरे खतरों की जानकारी देने वाले चेतावनी बोर्ड लगाना जरूरी माना जाता है। लोगों को भी प्रतिबंधित या खतरनाक हिस्सों में जाने से बचना चाहिए।
सुरक्षा घेरा मजबूत करने की जरूरत
ब्लू वाटर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इस घटना के बाद प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर खतरनाक हिस्सों को चिन्हित कर वहां सुरक्षा घेरा बनाने और लोगों की आवाजाही रोकने की जरूरत बताई जा रही है।इसके साथ ही पानी के आसपास स्पष्ट चेतावनी बोर्ड, निगरानी और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा कर्मचारियों की व्यवस्था हादसों को रोकने में मदद कर सकती है।
परिवार को अब भी शव मिलने का इंतजार
रायपुर ब्लू वाटर हादसा अपडेट में शनिवार सुबह तक आदिल का शव बरामद नहीं होने की जानकारी है। SDRF और NDRF की टीमें फिर से तलाश में जुटी हैं।फिलहाल रेस्क्यू टीम का पूरा ध्यान युवक को खोजने पर है। पानी की गहराई के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और टीम सावधानी के साथ संभावित स्थानों पर तलाश जारी रखे हुए है।





