Nishaanebaz News Desk-Raipur Axis Bank Fraud: रायपुर Axis Bank Fraud का यह मामला राजधानी रायपुर की देवेंद्र नगर स्थित Axis Bank शाखा से सामने आया है। आरोप है कि बैंक के एक उप प्रबंधक ने ग्राहक की जानकारी और सहमति के बिना उसके खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदल दिया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म का इस्तेमाल किया गया।गंज थाना पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला सुषमा कुमार का खाता देवेंद्र नगर स्थित Axis Bank शाखा में है। आरोप है कि 17 जुलाई को खाते में दर्ज मोबाइल नंबर को बदल दिया गया और इसके बाद बैंकिंग ऐप के जरिए खाते तक पहुंच बनाई गई।
रायपुर Axis Bank Fraud में सबसे बड़ा सवाल ग्राहक की FD को लेकर है। आरोप के मुताबिक, खाते में जमा 14.40 लाख रुपए से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले बंद कर दिया गया।FD से मिली रकम को बचत खाते में जमा किया गया। इसके बाद खाते में मौजूद दूसरी राशि के साथ मिलाकर कुल करीब 14.97 लाख रुपए एक निजी फर्म के खाते में ट्रांसफर किए जाने का आरोप है।इस तरह ग्राहक की जानकारी के बिना उसकी जमा पूंजी को दूसरे खाते में भेज दिया गया।
7 अगस्त को बैंक पहुंचने पर खुला राज
रायपुर Axis Bank Fraud का खुलासा तब हुआ जब 7 अगस्त को सुषमा कुमार बैंक पहुंचीं। खाते की जानकारी लेने के दौरान उन्हें अपने पैसों में गड़बड़ी का पता चला।इसके बाद उन्होंने बैंक प्रबंधन से मामले की शिकायत की। बैंक की ओर से आंतरिक जांच शुरू की गई। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद शाखा प्रबंधक ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
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दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
रायपुर Axis Bank Fraud मामले में पुलिस ने बैंक के उप प्रबंधक कुलदीप सिंह और इंडियन सेल्स के संचालक योगेश येडे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर बैंक खाते तक पहुंच बनाने और रकम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में दोनों की क्या भूमिका थी। मामले में बैंक से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
चेक, ATM और बैंक रिकॉर्ड की होगी जांच
रायपुर Axis Bank Fraud की जांच अब बैंक रिकॉर्ड के साथ-साथ लेनदेन से जुड़े दूसरे दस्तावेजों पर भी केंद्रित है। पुलिस चेक, ATM ट्रांजेक्शन और खाते में हुई गतिविधियों की जांच कर रही है।जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि 14.97 लाख रुपए की रकम किस तरह ट्रांसफर हुई और इस पूरे मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
ग्राहक की जानकारी के बिना बदला मोबाइल नंबर
रायपुर Axis Bank Fraud में मोबाइल नंबर बदलने की घटना जांच का अहम हिस्सा है। आरोप है कि फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल दिया गया था।मोबाइल नंबर बदलने के बाद बैंकिंग ऐप के जरिए खाते तक पहुंच हासिल करने का आरोप है। इसके बाद FD बंद कर रकम को दूसरे खाते में भेजे जाने की बात सामने आई।फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद इस कथित बैंक फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।





