Chhattisgarh Medicinal Plant Board News : रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अंजय शुक्ला को ‘छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड’ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव जेपी पाठक द्वारा शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए।
मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर नियुक्ति
जारी आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुमोदन के उपरांत की गई है। अंजय शुक्ला आगामी आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। शासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में बोर्ड अपने उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेगा।
क्या है इस बोर्ड का महत्व?
छत्तीसगढ़ को ‘हर्बल स्टेट’ के रूप में पहचान दिलाने में इस बोर्ड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2021 में बोर्ड का नाम बदलकर ‘छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड’ किया गया था। इस बोर्ड के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण: आदिवासी समुदायों के पास मौजूद जड़ी-बूटियों के दुर्लभ ज्ञान और उपचार पद्धतियों का दस्तावेजीकरण करना।
- अनुसंधान और विकास: औषधीय पौधों के कृषीकरण (Cultivation) और उनके प्रसंस्करण के लिए नए शोध को बढ़ावा देना।
- किसानों की आय में वृद्धि: परंपरागत फसलों के साथ-साथ औषधीय पौधों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना।
- वैश्विक पहचान: राज्य की वनौषधियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना।
नई दिशा मिलने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि अंजय शुक्ला की नियुक्ति से पारंपरिक चिकित्सकों (वैद्यों) की पहचान करने और उनके क्षमता विकास के कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही, छत्तीसगढ़ के जंगलों में पाई जाने वाली बहुमूल्य वनस्पतियों के अवैध दोहन पर रोक लगाने और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन में यह बोर्ड अब नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा।
नियुक्ति का संक्षिप्त विवरण:
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नाम: अंजय शुक्ला।
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पद: उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड।
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आदेश जारीकर्ता: जेपी पाठक (विशेष सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग)।
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प्रभावी तिथि: 20 फरवरी 2026 से आगामी आदेश तक।













