Harbilas Agarwal : बड़ा फर्जीवाड़ा : उद्योगपति हरबिलास अग्रवाल और बेटों पर ₹4.50 करोड़ के शेयर घोटाले का आरोप, रिश्तेदार ने दर्ज कराई FIR

Sanjay Sahu
Harbilas Agarwal

Harbilas Agarwal : रायगढ़। उद्योगपति हरबिलास अग्रवाल और उनके दो बेटों पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगा है। सूरजपुर निवासी अजय अग्रवाल, जो आरोपी परिवार के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि तीनों ने मिलकर श्री बांके बिहारी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के शेयरों में हेराफेरी की और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लगभग ₹4.50 करोड़ के शेयर धोखाधड़ीपूर्वक ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Harbilas Agarwal : जानकारी के अनुसार, सूरजपुर निवासी अजय अग्रवाल ने पूंजीपथरा थाना में दर्ज कराई अपनी रिपोर्ट में बताया कि उद्योगपति हरबिलास अग्रवाल और उनके पुत्र प्रणव अग्रवाल व आयुष अग्रवाल ने मिलकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की साजिश रची। आरोप है कि तीनों ने श्री बांके बिहारी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में हिस्सेदारी के शेयरों को अवैध रूप से अपने नाम ट्रांसफर करने के लिए फर्जी गिफ्ट डीड तैयार की।

Harbilas Agarwal : रिपोर्ट के मुताबिक, गिफ्ट डीड के माध्यम से लगभग ₹4.50 करोड़ मूल्य के शेयरों को गलत तरीके से अपने नियंत्रण में ले लिया गया। शिकायतकर्ता अजय अग्रवाल का कहना है कि उन्हें इस ट्रांजैक्शन की जानकारी बहुत बाद में मिली, जब कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों की जांच की गई।

Harbilas Agarwal : पुलिस जांच शुरू, दस्तावेज जब्त किए गए

Harbilas Agarwal : शिकायत मिलने के बाद पूंजीपथरा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में कई वित्तीय दस्तावेज और शेयर ट्रांसफर से जुड़े रजिस्टर जब्त किए गए हैं। पुलिस ने कंपनी के कुछ कर्मचारियों और अकाउंट विभाग से भी पूछताछ शुरू कर दी है।

 

शेयर ट्रांसफर में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने शेयर ट्रांसफर के लिए गिफ्ट डीड और अन्य कानूनी दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर और मुहरों का इस्तेमाल किया। इस धोखाधड़ी के जरिए उन्होंने शिकायतकर्ता अजय अग्रवाल की सहमति के बिना कंपनी की हिस्सेदारी अपने नाम करवा ली।

पुलिस सूत्रों के अनुसार: “मामला बेहद संवेदनशील और जटिल वित्तीय दस्तावेजों से जुड़ा है। जांच के लिए कंपनी के ऑडिट रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और रजिस्ट्री दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। ज़रूरत पड़ने पर एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) से दस्तावेजों की सत्यता की जांच कराई जाएगी।”

Harbilas Agarwal : आरोपियों की प्रतिष्ठा पर सवाल

Harbilas Agarwal : हरबिलास अग्रवाल रायगढ़ के एक प्रसिद्ध उद्योगपति माने जाते हैं, जिनकी कई औद्योगिक इकाइयां और इस्पात से जुड़ी कंपनियां क्षेत्र में संचालित हैं। इस मामले ने स्थानीय उद्योग जगत में हलचल मचा दी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह रायगढ़ के औद्योगिक इतिहास का एक बड़ा आर्थिक घोटाला माना जाएगा।

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