निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ में न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अनुशंसा पर रजिस्ट्रार जनरल ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किया है, जिसमें प्रदेशभर के कई जिला एवं सत्र न्यायाधीशों सहित सिविल जजों की नई पदस्थापनाएं तय की गई हैं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की नई नियुक्तियां
जारी आदेश के अनुसार, जांजगीर-चांपा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत को अंबिकापुर (सरगुजा) भेजा गया है। वहीं हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार न्यायिक खिलावन राम रिगरी को कोंडागांव का प्रधान जिला जज बनाया गया है।
संघरत्ना भटपहरी को कबीरधाम (कवर्धा) और जयदीप गर्ग को कोरबा से जांजगीर-चांपा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदस्थ किया गया है।
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न्यायिक अकादमी और हाई कोर्ट में भी बदलाव
सुमित कपूर को रजिस्ट्रार न्यायिक स्थापना, जबकि अमित कुमार कोहली और दिग्विजय सिंह को न्यायिक अकादमी बिलासपुर में एडिशनल डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा उमेश कुमार उपाध्याय को एडिशनल रजिस्ट्रार न्यायिक हाई कोर्ट बनाया गया है।
विशेष न्यायाधीश और परिवार न्यायालय में फेरबदल
परिवार न्यायाधीश लीलाधर सारथी को कवर्धा से कोरबा में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) के रूप में भेजा गया है। इस बदलाव का उद्देश्य विशेष मामलों की सुनवाई को और प्रभावी बनाना है।
सिविल जज स्तर पर भी व्यापक तबादले
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर पर भी बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। अंकिता अग्रवाल, दिव्या गोयल, शैलेश वशिष्ठ, हर्षी अग्रवाल, मीनू नंद, काम्या, सिद्धार्थ सोनी समेत कई अधिकारियों को नए जिलों में पदस्थ किया गया है।
इन तबादलों के तहत रायपुर, महासमुंद, जशपुर, दुर्ग, दंतेवाड़ा, बिलासपुर, धमतरी और अन्य जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
यह व्यापक तबादला प्रक्रिया न्यायिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और संतुलित बनाने के उद्देश्य से की गई है। इससे विभिन्न जिलों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।











