पेट्रोल पंप के पास बीमार हालत में मिला युवक
धमतरी में जिंदा मिला युवक की कहानी तब सामने आई, जब मोतीलाल धमतरी के संबलपुर मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास बीमार हालत में मिला।उसकी हालत देखकर समाजसेवी शिवा प्रधान और समिति के सदस्यों ने मदद की। उन्होंने युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।कई दिनों तक अस्पताल में इलाज चलने के बाद उसकी पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
वोटर आईडी से हुई पहचान
धमतरी में जिंदा मिला युवक की पहचान उसके पास मौजूद वोटर आईडी के जरिए होने की जानकारी सामने आई। पहचान के बाद समाजसेवियों और अस्पताल से उसके परिवार से संपर्क किया गया।इसके बाद मोतीलाल को उसके घर पहुंचाया गया। बताया गया कि वह आधी रात के समय अपने परिवार के पास पहुंचा।जिस बेटे को परिवार मृत समझ चुका था, उसे सामने जिंदा देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। घर का माहौल अचानक गम से खुशी में बदल गया।
मोतीलाल
परिवार ने जिस शव का अंतिम संस्कार किया, वह किसका था?
धमतरी में जिंदा मिला युवक मिलने के बाद अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल 28 जुलाई को मिले एक शव को लेकर खड़ा हो गया है।जानकारी के मुताबिक, 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास एक शव मिला था। परिवार ने उसकी पहचान मोतीलाल के रूप में की थी। पहचान के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था।लेकिन अब मोतीलाल जिंदा मिल गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सेमरा नाला के पास मिला वह शव किसका था?
Read More: CG News: रायपुर में Rapido ड्राइवर का कारनामा! महिला का बैग लेकर हुआ फरार, अंदर थे दो मोबाइल
पुलिस के सामने खड़ी हुई नई पहेली
धमतरी में जिंदा मिला युवक मामले ने पुलिस की जांच को भी नया मोड़ दे दिया है। एक तरफ परिवार के सामने उनका बेटा जिंदा है, वहीं दूसरी तरफ जिस शव को मोतीलाल समझकर अंतिम संस्कार किया गया था, उसकी वास्तविक पहचान अब सवालों के घेरे में है।अब पुलिस को शव की पहचान से जुड़े रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की दोबारा जांच करनी होगी। साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि शव की पहचान किस आधार पर मोतीलाल के रूप में हुई थी।
परिवार के लिए गम के बाद आई बड़ी खुशी
धमतरी में जिंदा मिला युवक की खबर परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रही। जिस परिवार ने कुछ समय पहले अपने बेटे को खोने का दुख झेला था, उसी परिवार के सामने वह अचानक जिंदा लौट आया।हालांकि युवक के मिलने से खुशी का माहौल है, लेकिन 28 जुलाई को मिले शव की पहचान अब पूरे मामले का सबसे बड़ा रहस्य बन गई है। पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि उस शव की असली पहचान क्या थी और आखिर यह पूरा मामला किस तरह सामने आया।