Chhattisgarh Budget Session 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आगामी 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो 20 मार्च तक चलेगा। इस सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट पर चर्चा और उसे पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सदन की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने रविवार, 22 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, वहीं भाजपा ने भी 23 तारीख को अपनी रणनीति तय करने के लिए बैठक आहूत की है।
इस सत्र के दूसरे दिन, यानी 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार का सालाना बजट करीब 2 लाख करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। यह साय सरकार का तीसरा पूर्ण बजट होगा, जिसमें ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष प्रावधान और बड़ी योजनाओं की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।
विधायी कार्यों के लिहाज से भी यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। सत्र में अब तक 1,000 से अधिक सवाल लग चुके हैं और आधा दर्जन से अधिक विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, बहुप्रतीक्षित ‘धर्मांतरण विरोधी विधेयक’ को भी इसी सत्र में पेश किया जा सकता है, जिसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होना तय माना जा रहा है। सरकार अपनी नीतियों के माध्यम से प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप जनता के सामने रखेगी।
दूसरी ओर, विपक्ष ने सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की योजना बनाई है। कांग्रेस कानून-व्यवस्था, नक्सल समस्या और धान खरीदी में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर ‘काम रोको प्रस्ताव’ लाने की तैयारी में है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट की लोकलुभावन घोषणाओं और विपक्ष के कड़े तेवरों के बीच यह सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है।













