Bastar Dussehra Accident: जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। भीतर रैनी की रस्म शुरू होने से पहले आठ चक्कों वाले विजय रथ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और रथ को रोक दिया गया। सूचना मिलने पर एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। हादसा उस समय हुआ, जब पारंपरिक रस्म के तहत विजय रथ की परिक्रमा की तैयारी चल रही थी।
भीतर रैनी की रस्म से पहले कैसे हुआ हादसा?
बस्तर दशहरा की परंपराओं में भीतर रैनी की रस्म का विशेष महत्व है। इस आयोजन में माता दंतेश्वरी के छत्र को आठ पहियों वाले विजय रथ पर विराजित किया जाता है। इसके बाद रथ को गोलबाजार क्षेत्र में परिक्रमा कराई जाती है।
बुधवार को भी इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जुटे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति विजय रथ के पहिए की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसकी मौत हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
रथ पर अभी विराजित नहीं हुआ था माता का छत्र
इस हादसे से जुड़ी एक अहम बात यह है कि घटना के समय विजय रथ पर माता दंतेश्वरी का छत्र विराजित नहीं किया गया था। बस्तर दशहरा की परंपरा के अनुसार, मावली परघाव की रस्म पूरी होने के बाद माता दंतेश्वरी के छत्र को विजय रथ पर सवार कराया जाता है। इसके बाद रथ की परिक्रमा होती है।हादसा परिक्रमा की रस्म शुरू होने से पहले हुआ। ऐसे में आयोजन के दौरान सुरक्षा और भीड़ के प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, व्यक्ति रथ के पहिए की चपेट में किन परिस्थितियों में आया, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
हजारों की भीड़ के बीच मची अफरा-तफरी
बस्तर दशहरा देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। भीतर रैनी की रस्म भी उत्सव के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। बुधवार को भी रथ को देखने के लिए भारी भीड़ जुटी थी।इसी दौरान हादसा होने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद विजय रथ को रोक दिया गया और मदद के लिए एंबुलेंस बुलाई गई। मौके पर मौजूद लोगों के बीच हादसे को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
मृतक की पहचान का इंतजार
हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से जरूरी कार्रवाई की जा रही है। मृतक कौन था और वह आयोजन में किस उद्देश्य से पहुंचा था, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है।प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों को लेकर आगे की जानकारी मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बस्तर दशहरा में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा उत्सव भी है। इसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे बड़े आयोजन में रथ की आवाजाही के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।विजय रथ के पहिए की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, हादसे के कारणों और मृतक की पहचान को लेकर अधिकृत जानकारी का इंतजार है।