Chandra Grahan 2025 : दिल्ली। साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण आज, 7 सितंबर को हो रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहते हैं। इस खगोलीय घटना को भारत के हर कोने से देखा जा सकेगा। 2022 के बाद यह भारत में दिखने वाला सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण है।
Chandra Grahan 2025 : ग्रहण का समय और सूतक काल
- ग्रहण शुरू: रात 9:58 बजे
- पूर्ण चंद्र ग्रहण: रात 11:42 बजे
- ग्रहण समाप्त: रात 1:26 बजे
- सूतक काल शुरू: दोपहर 12:57 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण और सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ और भोजन करना वर्जित माना जाता है। इसी कारण देश के अधिकांश प्रमुख मंदिरों के कपाट सूतक काल के बाद बंद कर दिए जाएंगे और अगले दिन सुबह स्नान के बाद ही दोबारा खुलेंगे।
प्रमुख मंदिरों में दर्शन का समय
- वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर और बरसाना के श्रीजी मंदिर: दोपहर 12 बजे बंद हो जाएंगे और 8 सितंबर को मंगला आरती के बाद ही खुलेंगे।
- अयोध्या राम मंदिर: दोपहर 12:45 बजे के बाद कपाट बंद हो जाएंगे और 8 सितंबर को सुबह 6:30 बजे खुलेंगे।
- अयोध्या हनुमानगढ़ी: दोपहर 12:30 बजे बंद होगा और 8 सितंबर को सुबह 4 बजे खुलेगा।
- सालासर बालाजी मंदिर (चूरू): दोपहर 12:50 बजे बंद होगा और 8 सितंबर को सुबह 6:30 बजे खुलेगा।
- खाटू श्याम मंदिर: 6 सितंबर की रात 10 बजे से ही बंद हैं और 8 सितंबर शाम 5 बजे तक बंद रहेंगे।
इन मंदिरों में जारी रहेंगे दर्शन
- उज्जैन का महाकाल मंदिर: ग्रहण के दौरान भी खुला रहेगा। केवल आरती और पूजा के समय में बदलाव किया गया है।
- द्वारकाधीश मंदिर (वल्लभ संप्रदाय): भक्त चंद्र ग्रहण के दौरान भी भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
- काशी विश्वनाथ मंदिर: यहां भी दर्शन जारी रहेंगे। शयन आरती के बाद ही कपाट बंद होंगे।
- गयाजी का विष्णुपाद मंदिर: ग्रहण के दौरान भी खुला रहेगा, क्योंकि यहां पिंडदान करना शुभ माना जाता है।
ग्रहण की स्थितियां (भारतीय मानक समय)
- उपच्छाया प्रवेश: रात 8:56 बजे
- ग्रहण शुरू: रात 9:56 बजे
- पूर्णता शुरू: मध्यरात्रि 11:00 बजे
- ग्रहण मध्य: मध्यरात्रि 11:41 बजे
- पूर्णता समाप्त: मध्यरात्रि 12:23 बजे
- ग्रहण समाप्त (मोक्ष): मध्यरात्रि 01:26 बजे
ग्रहण की अवधि लगभग 3 घंटे 30 मिनट होगी, जिसमें पूर्णता की अवधि 1 घंटा 23 मिनट होगी।











