Friday, August 21, 2026
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CG Student Death Case : निर्माणाधीन भवन बना मासूम का काल : वाड्रफनगर में छात्र की मौत के बाद प्रधान पाठक निलंबित, बीईओ ऑफिस अटैच

CG Student Death Case : बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम शारदापुर में हुए एक हृदयविदारक हादसे ने शिक्षा विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से कक्षा छठी के एक मासूम छात्र की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी गाज गिराई है। लापरवाही की पुष्टि होने पर मिडिल स्कूल खुटनपारा की प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि स्कूल के तीन अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

यह दुखद घटना 8 जनवरी 2026 को उस समय हुई जब स्कूल में मध्यान्ह भोजन (मिडडे मील) का अवकाश चल रहा था। स्कूल में पढ़ने वाला 11 वर्षीय छात्र आलोक अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए स्कूल परिसर के पास ही बन रहे आंगनबाड़ी भवन के करीब पहुंच गया। इसी दौरान निर्माणाधीन भवन का भारी-भरकम छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से आलोक मलबे के नीचे दब गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले की त्वरित जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि लंच ब्रेक के दौरान शिक्षकों द्वारा बच्चों की निगरानी में घोर लापरवाही बरती गई। निर्माणाधीन भवन, जो कि एक संभावित खतरा था, वहां बच्चों को जाने से रोकने के लिए कोई सुरक्षा घेरा या चेतावनी का पालन नहीं किया गया। जांच रिपोर्ट में प्रधान पाठक ममता गुप्ता को छात्रों पर उचित नियंत्रण और पर्यवेक्षण न रखने का मुख्य रूप से जिम्मेदार माना गया।

संयुक्त संचालक शिक्षा ने इस लापरवाही को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए प्रधान पाठक ममता गुप्ता के निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, रामचन्द्रपुर नियत किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। वहीं, घटना के समय स्कूल में मौजूद तीन अन्य शिक्षकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

इस हादसे के बाद क्षेत्र के अभिभावकों में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल परिसरों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी स्कूलों को निर्माण स्थलों से बच्चों को दूर रखने और निगरानी बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

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