CG Politics : रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना में कटौती और हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खदान विस्तार को लेकर कांग्रेस अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए इन दोनों मुद्दों को जन आंदोलन का रूप देने के संकेत दिए।
CG Politics : बघेल ने कहा कि हाफ बिजली बिल योजना में संशोधन से राज्य के करीब 53 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने छूट के दायरे को 400 यूनिट से घटाकर 100 यूनिट कर दिया है और इसमें भी ऐसी शर्तें जोड़ दी गई हैं कि आम उपभोक्ता को इसका लाभ मिल ही नहीं पाएगा।
CG Politics : उन्होंने कहा, हमारी सरकार के दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा था। 200 यूनिट तक तो उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिलती थी और कोई शर्त नहीं थी। अब 100 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत पर उपभोक्ताओं को पूरी राशि चुकानी होगी। ये एक सरप्लस बिजली उत्पादन करने वाले राज्य में जनता के साथ अन्याय है। कांग्रेस इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी और जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।
CG Politics : हसदेव अरण्य की खदानों पर चिंता
CG Politics : हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खदान के विस्तार पर भी भूपेश बघेल ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा में संकल्प पारित कर खदान विस्तार पर रोक लगाने की कोशिश की गई थी। “हमने राजस्थान सरकार से भी कहा था कि मौजूदा खदानों से पर्याप्त कोयला मिल रहा है, तो नए विस्तार की क्या जरूरत? लेकिन अब एक उद्योगपति के फायदे के लिए हसदेव जैसे समृद्ध वन क्षेत्र को उजाड़ा जा रहा है।
CG Politics : बघेल ने स्पष्ट किया कि “जल-जंगल-जमीन की इस लड़ाई में कांग्रेस हसदेव के साथियों के साथ खड़ी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आदिवासियों की सहमति के बिना कोई भी खदान परियोजना आगे न बढ़ाई जाए। भूपेश बघेल के इस बयान को कांग्रेस की आगामी रणनीति का संकेत माना जा रहा है, जिसमें वह बिजली बिल और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।











