CG NEWS : बिलासपुर : पत्नी द्वारा शादी से पहले पीरियड्स संबंधी बीमारी छिपाए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के तलाक के फैसले को बरकरार रखते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि दोनों के बीच अब संबंध सुधारने की कोई संभावना नहीं बची है। साथ ही पति को निर्देश दिया गया है कि वह पत्नी को चार महीने के भीतर पांच लाख रुपये स्थायी भरण-पोषण के रूप में अदा करे।
CG NEWS : पति ने अदालत में कहा कि पत्नी ने शादी से पहले अपनी माहवारी रुकने और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी छिपाई, जिससे उसे मानसिक क्रूरता का सामना करना पड़ा। पति का दावा है कि शादी के बाद पत्नी ने बताया कि उसकी माहवारी रुक गई है। डॉक्टर के पास ले जाने पर पता चला कि वह पिछले दस वर्षों से इस समस्या से पीड़ित थी और गर्भधारण में भी जटिलताएं थीं। पति का आरोप था कि यह जानकारी जानबूझकर छिपाई गई।
CG NEWS : कवर्धा के इस दंपती की शादी जून 2015 में हुई थी। पति ने आरोप लगाया कि कुछ महीनों बाद पत्नी ने परिवार के बुजुर्गों और बच्चों की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया और घर के लोगों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करने लगी। कई बार समझाइश के बाद भी रवैया नहीं बदला। पति का कहना है कि पत्नी का भाई 40 हजार रुपये मांगता था, और रकम नहीं देने पर पत्नी ने बातचीत बंद कर दी। अंततः उसने राशि ट्रांसफर की, तब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई।
CG NEWS : दूसरी ओर, पत्नी ने पति के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उसे दहेज और घर के कामकाज को लेकर प्रताड़ित किया गया। उसने कहा कि उसे बांझ कहकर अपमानित किया जाता था और उसकी मेडिकल स्थिति अस्थायी थी, जिसे डॉक्टरों ने सुधार योग्य बताया था।
CG NEWS : फैमिली कोर्ट ने पति के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसे पत्नी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए पत्नी की अपील को खारिज किया और तलाक के फैसले को सही ठहराया।











