रायपुर। CG News : छत्तीसगढ़ की राजधानी में हाईटेक टेक्नोलॉजी को भी चकमा देने की कोशिश की गई, लेकिन पावर कंपनी की डिजिटल निगरानी से आरोपी बच नहीं सका। स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का पहला मामला राजधानी के ब्राम्हणपारा इलाके से सामने आया है, जहां उपभोक्ता ने मीटर में तकनीकी छेड़छाड़ कर खपत को जानबूझकर कम दर्शाया।
CG News : कैसे पकड़ा गया मामला?
गुढ़ियारी स्थित कंट्रोल रूम में स्मार्ट मीटर डेटा विश्लेषण के दौरान अनियमितता पकड़ी गई। अलर्ट मिलते ही विजिलेंस टीम 4 जुलाई को लाखेनगर जोन के ब्राम्हणपारा पहुंची। जांच में पाया गया कि उपभोक्ता आलोक शर्मा के घर लगे स्मार्ट मीटर की सील टूटी हुई थी और बॉडी क्रैक की गई थी। टीम ने मीटर को जब्त कर भिलाई की सेंट्रल लैब भेजा, जहां 10 जुलाई को तकनीकी परीक्षण में स्पष्ट हुआ कि मीटर में अंदर से वायरिंग जोड़कर उसे बायपास किया गया था।
क्या निकला जांच में?
मीटर के आर, वाय, बी तीनों फेज और न्यूट्रल टर्मिनल को कॉपर वायर से शॉर्ट किया गया था। इससे मीटर में बिजली खपत का असली रिकॉर्ड दर्ज ही नहीं हो रहा था। जानबूझकर बॉडी तोड़कर सर्किट से छेड़छाड़ की गई थी।
कितना लगा जुर्माना?
इस मामले में बिजली विभाग ने उपभोक्ता पर ₹87,349 का जुर्माना लगाया और तत्काल बिजली कनेक्शन काट दिया। विभाग ने शुक्रवार को आजाद चौक थाने में विद्युत अधिनियम 2003 और 2005 की धाराएं 135 व 138 के तहत मामला दर्ज कराया।
उपभोक्ता पर शक, पर स्पष्ट जवाब नहीं
पूछताछ के दौरान उपभोक्ता ने मीटर में छेड़छाड़ की जिम्मेदारी किसी पर नहीं डाली और स्पष्ट नहीं कर सका कि यह काम किसने किया। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है।
सवाल ये है:
जब स्मार्ट मीटर जैसी आधुनिक तकनीक भी सुरक्षा में फेल हो सकती है, तो क्या आम उपभोक्ता प्रणाली में भरोसा कर सकता है? और क्या यह इकलौता मामला है, या ऐसी घटनाएं और भी कई घरों में छिपी हुई हैं?













