के.पी. चंद्राकर/बालोद। जिले के ग्राम कोड़ेवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय के प्रधान पाठक बच्चों से झाड़ू-पोंछा, बर्तन धोने और टॉयलेट साफ करवाने का काम करवाते हैं। विरोध करने पर बच्चों को डंडे से पीटा जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य विशेषकर अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के बच्चों से कराया जाता है और इस मामले में कुछ उच्च जाति के ग्रामीण भी प्रधान पाठक का साथ देते हैं।
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नियमों का उल्लंघन और शिक्षा विभाग की मिलीभगत के आरोप
शिक्षा विभाग के युक्तिकरण नियम के अनुसार विद्यालय में दर्ज बच्चों की संख्या पर केवल दो शिक्षक पदस्थ होने चाहिए थे, लेकिन वर्तमान में यहां तीन शिक्षक पदस्थ हैं। ग्रामीणों ने इसे स्पष्ट गड़बड़ी बताते हुए आरोप लगाया कि यह सब शिक्षा विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।
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ग्रामीणों का अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।













