CG NEWS: रायपुर। साइबर ठगी के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने की, जो सी-4 भवन, सिविल लाइन में आयोजित की गई। बैठक में रायपुर के लीड बैंक मैनेजर, विभिन्न बैंकों के लीगल हेड और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध पर नियंत्रण और बैंकिंग प्रक्रियाओं में सतर्कता बढ़ाना था।
CG NEWS: बैठक में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से होने वाली ठगी पर विशेष चिंता जताई गई। एसएसपी ने बैंक अधिकारियों से कहा कि किसी भी डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से राशि ट्रांसफर करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच और सत्यापन किया जाए।
CG NEWS: इसके अलावा, उन लोगों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए जो बार-बार बैंक में खाता खोलने आते हैं। पुलिस को आशंका है कि ऐसे मामलों का संबंध म्यूल अकाउंट से हो सकता है, जिसका उपयोग साइबर अपराधी अवैध लेन-देन के लिए करते हैं।
CG NEWS: बैठक में उपस्थित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में सीएसपी आजाद चौक ईशु अग्रवाल, डीएसपी क्राइम संजय सिंह, सीएसपी कोतवाली केशरी नंदन नायक, नगर पुलिस अधीक्षक रमाकांत साहू और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
CG NEWS: बैठक में निम्न 12 बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई:
1. ऑनलाइन ठगी के पीड़ितों को टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करने और साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करें, उन्हें बैंक से दूसरे बैंक भेजने से बचें।
2. खाता खोलते समय मोबाइल नंबर से फिजिकल वेरिफिकेशन सुनिश्चित करें।
3. कॉर्पोरेट खाता खोलने के बाद 15 दिन में पते की दोबारा जांच करें।
4. बैंक परिसर में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएं और इसकी सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
5. संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में बैंक द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की गई।
6. डिमांड ड्राफ्ट की पूरी तरह जांच कर ही राशि ट्रांसफर की जाए।
7. खाता खोलते समय गारंटर की भूमिका को शामिल करने पर जोर दिया गया।
8. कई स्तरों पर ट्रांजेक्शन के बाद राशि होल्ड करने और खाते को सक्रिय रखने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
9. लीगल विभाग के लिए एक समर्पित अधिकारी और संपर्क नंबर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
10. जो व्यक्ति बार-बार खाता खोलने आता है, उसकी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई जाए।
11. (बिंदु छूटा था, संभवतः संख्यांकन में त्रुटि)
12. पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए ताकि जांच में कोई बाधा न हो।
CG NEWS: बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंकों और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाकर साइबर अपराध की रोकथाम को प्रभावी बनाना था। अधिकारियों ने सहमति जताई कि भविष्य में ऐसी संयुक्त बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।





