CG NEWS : घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता) : पतरापाली शासकीय प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति को लेकर की गई पत्रकारिता आखिरकार रंग लाई। जिस छत के नीचे बच्चे भय और खतरे के साये में पढ़ाई कर रहे थे, उस मामले को जब निशानेबाज़ ने प्रमुखता से उठाया, तो वह केवल एक गांव की चिंता नहीं, पूरे जिला प्रशासन की जवाबदेही बन गई।
CG NEWS : रिपोर्ट के प्रकाशित होते ही जिला कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अफसरों की टीम पतरापाली स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची। मौके पर पहुंचे अधिकारियों में ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), जनपद CEO और RES विभाग के SDO प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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CG NEWS : अधिकारियों ने मौके पर स्कूल भवन की स्थिति को देखा और उस भयावहता का प्रत्यक्ष अनुभव किया जो अब तक केवल शिकायतों में सिमटी थी। इस निरीक्षण के बाद जरूरी मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी जारी हुए हैं।
CG NEWS : हालांकि सवाल अब भी खड़े है
CG NEWS : क्या हर गांव को पहले हादसे के मुहाने पर खड़ा होना पड़ेगा, तब जाकर व्यवस्था जागेगी? क्या “स्कूल चले हम” जैसे नारों का लाभ सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित रहेगा?
CG NEWS : इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं, बदलाव की प्रेरणा भी बन सकती है। पतरापाली स्कूल की गिरती छत के साथ अब लापरवाही की दीवारें भी हिलने लगी हैं। लेकिन यह केवल शुरुआत है — जब तक हर बच्चे को सुरक्षित शिक्षा और सम्मानजनक माहौल नहीं मिलेगा, तब तक कलम और समाज दोनों को सजग रहना होगा।













