CG NEWS: रायपुर : स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य संयुक्त संचालक के निर्देशन एवं समस्त जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियो के मार्गदर्शन मे शिशु स्वास्थ्य एवं मातृत्व स्वास्थ्य को स्वास्थ्य के क्षेत्र मे मजबूत बनाने के लिए शिशु संरक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ दिया जाता है,जिससे कई लाभ मिलते हैं। यह कार्यक्रम शिशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
CG NEWS: इसके तहत 9 माह से 5 वर्ष के बच्चो/ शिशुओं को विटामिन ए की खुराक दी जाती है, जो उनकी आँखों के लिए और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बहुत महत्वपूर्ण है,इसके साथ मे 6 माह से 5 वर्ष के बच्चो को एनिमिया से बचाने ,सुक्ष्म पोषक तत्व की कमी को पुरा करने के लिए आयरन व फोलिक एसिड का सिरप दिया जाता है,बच्चो की प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने के लिए टीकाकरण किया जाता है.
CG NEWS: इसके अलावा, शिशु संरक्षण कार्यक्रम में शिशुओं के वजन जाँच कर कुपोषित बच्चो की चिन्हांकन कर स्वास्थ्य की नियमित जाँच की जाती है, जिससे उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का जल्दी पता लगाया जा सकता है और उनका इलाज किया जा सकता है।
CG NEWS: इसके साथ ही, शिशु संरक्षण कार्यक्रम में माताओं को भी स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी दी जाती है, जिससे वे अपने शिशुओं की देखभाल अच्छी तरह से कर सकती हैं²। इस प्रकार, शिशु संरक्षण कार्यक्रम शिशुओं और माताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को बढ़ावा देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
CG NEWS: यह महत्वपूर्ण कार्य को करने की अहम जिम्मेदारी आर एच ओ(ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी), सुपरवाइजर और बी ई करते आ रहे हैं ,इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में फील्ड कर्मचारी स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी के बदौलत आज एनीमिया ,शिशु एवं बाल मृत्यु में कमी दर्ज की गई है .
साथ ही बच्चों को विभिन्न बीमारी से दूर रखने में सहायता मिलती है। ,इसलिए आर एच ओ को स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ भी कहा जाता है। अतः सभी प्रदेश वासियों से निवेदन है कि शिशु संरक्षण में अपने बच्चों को विटामिन ए की खुराक और आयरन सिरप का लाभ ले साथ ही बच्चों का वजन करा कर नियमित निगरानी रखने मे सहयोग प्रदान करे.










