डोंगरगढ़। CG News : मां बमलेश्वरी की नगरी को सरकार ने तीर्थ स्थल मानकर शराबबंदी क्षेत्र घोषित किया था, लेकिन यह निर्णय अब केवल कागजों में कैद होकर रह गया है। शहर की हर गली-मोहल्ले में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है और प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
CG News : सरकारी दुकानों के बंद होते ही होटल-ढाबों से लेकर घर-घर तक शराब की अवैध बिक्री शुरू हो गई। यहां तक कि ऑनलाइन ऑर्डर लेकर डिलीवरी तक हो रही है। सूत्रों के अनुसार, यह धंधा पुलिस संरक्षण के बिना संभव नहीं है। हर अवैध ठेके से महीने का हिस्सा सीधे अधिकारियों तक पहुंचता है, जिसके चलते बड़े शराब माफिया सुरक्षित हैं जबकि छोटे दुकानदारों पर केवल दिखावटी कार्रवाई होती है।
आबकारी विभाग दावा कर रहा है कि पिछले छह महीनों में 200 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं, लेकिन शराब बिक्री पर अंकुश क्यों नहीं लगा, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय महिलाएं कह रही हैं कि हर मोहल्ले में शराब बिक रही है, जिससे बच्चे बिगड़ रहे हैं और महिलाओं का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
विधायक हर्षिता बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि—“स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार की बात करने वाली सरकार ही महिलाओं को पीड़ित बना रही है। 768 सरकारी दुकानों के बावजूद अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, क्योंकि पुलिस-प्रशासन संरक्षण दे रहा है।”
डोंगरगढ़ का यह हाल बताता है कि शराबबंदी महज राजनीतिक स्टंट है। सत्ता बदलने से विरोध की आवाजें जरूर बदल जाती हैं, लेकिन बोतल का कारोबार वैसे ही जारी है। यहां धर्मनगरी की आड़ में आस्था की कीमत लगाई जा रही है और जिम्मेदार अपनी ‘हिस्सेदारी’ में मस्त हैं।













