CG NEWS : डोंगरगढ़ ट्रस्ट चुनाव पर आदिवासी समाज का बड़ा विरोध-संविधान के खिलाफ बताया चुनाव, 20 जुलाई को सभा और प्रदर्शन का ऐलान

VIKASH KHALKHO
#nishaanebaz.com (17)

CG NEWS : डोंगरगढ़।  डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के आगामी 20 जुलाई को होने वाले चुनाव पर विवाद गहराता जा रहा है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने इस चुनाव को असंवैधानिक करार देते हुए डोंगरगढ़ में बड़े विरोध प्रदर्शन और सभा की घोषणा की है। समाज का कहना है कि ट्रस्ट के चुनाव में कानूनी और सामाजिक आपत्तियों के निराकरण से पहले प्रक्रिया आगे बढ़ाना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।

क्या है पूरा विवाद?

आदिवासी समाज का स्पष्ट तर्क है कि मां बम्लेश्वरी सिर्फ एक समुदाय की नहीं, बल्कि गोंड जनजाति समेत समूचे देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आराध्य देवी हैं। ऐसे में किसी एक वर्ग या समुदाय द्वारा ट्रस्ट पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश को समाज ने धार्मिक समानता और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।

समाज का दावा है कि 2 जुलाई को ट्रस्ट चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिस पर अब तक कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं हुआ है। बावजूद इसके, ट्रस्ट द्वारा चुनाव की प्रक्रिया जारी रखना कानूनी और नैतिक रूप से अनुचित है।

20 जुलाई को बम्लेश्वरी मैदान में महासभा

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने 20 जुलाई को डोंगरगढ़ के बम्लेश्वरी मैदान में विरोध सभा आयोजित करने का ऐलान किया है। इस सभा में प्रदेश भर से समाज के प्रतिनिधि, महिला और युवा इकाइयों के सदस्य शामिल होंगे। सभा के माध्यम से यह मांग की जाएगी कि मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह संविधानिक, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत हो।

समाज ने डोंगरगढ़ के नागरिकों से भी इस आंदोलन में शामिल होने और समर्थन देने की अपील की है। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे राज्य में संविधान की गरिमा और धार्मिक समानता की रक्षा की लड़ाई है।

चुनाव दिवस पर टकराव की आशंका

ट्रस्ट का चुनाव और आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन एक ही दिन यानी 20 जुलाई को होने वाला है, जिससे डोंगरगढ़ में संभावित टकराव या मतदान में बाधा की आशंका बढ़ गई है। माना जा रहा है कि विभिन्न जनजातीय संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और कुछ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी इस विरोध में शामिल हो सकते हैं।

बम्लेश्वरी ट्रस्ट को लेकर उठे इस सामाजिक विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। ट्रस्ट की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और बहुजन सहभागिता जैसे सवालों के जवाब आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और धार्मिक संगठनों की भूमिका को भी प्रभावित कर सकते हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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